फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ये हैं 'द हीरो ऑफ रानीगंज', 6 घंटे में अकेले बचाई थी 65 मजदूरों की जान

Fri, 09 Jun 2017 09:14 AM IST
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल Updated Fri, 09 Jun 2017 09:14 AM IST
विज्ञापन
story of the hero of raniganj, the brave engineer jaswant singh gill
'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
मिलिए 'द हीरो ऑफ रानीगंज' से, जिन्होंने अकेले जान की परवाह किए बिना 6 घंटे में 65 लोगों की जिंदगी बचाई थीं और पूरी दुनिया ने सराहा था उन्हें।
story of the hero of raniganj, the brave engineer jaswant singh gill
'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
हम बात कर रहे हैं 1989 में कोयले की खदान में फंसे 65 लोगों को जिंदा निकालने वाले अमृतसर के इंजीनियर जसवंत सिंह गिल की। यह हादसा अब तक के कोयला खदानों में हुए सबसे बड़े हादसों में से एक था। 13 नवंबर 1989 को रानीगंज के महाबीर खदान (वेस्ट बंगाल) में कोयले से बनी चट्टानों को ब्लास्ट कर तोड़े जाने के दौरान वाटर टेबल की दीवार में क्रैक आ गया और पानी तेजी से इन दरारों से बहने लगा।
story of the hero of raniganj, the brave engineer jaswant singh gill
'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
इस कारण वहां काम कर रहे 220 लोगों में से 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जो लोग लिफ्ट के पास थे, उन लोगों को जल्दी से बाहर खींच लिया गया, लेकिन वहां 65 लोग फंसे रह गए थे। इस हादसे के वक्त जसवंत सिंह गिल बतौर एडिशनल चीफ मायनिंग इंजीनियर वहां पोस्टेड थे। जब जसवंत को इस हादसे की खबर लगी तो उन्होंने अपनी जान की फिक्र किए बिना तुरंत उस पानी से भरी खदान में जाने का फैसला किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
story of the hero of raniganj, the brave engineer jaswant singh gill
'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
गिल ने सबसे पहले वहां मौजूद अफसरों की मदद से पानी को पम्प के जरिए बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन ये तरीका कारगर नहीं रहा। इसके बाद उन्होंने वहां कई बोर खोदे, जिससे खदान में फंसे मजदूरों तक जिंदा रहने खाना-पीना पहुंचाया जा सके। तब उन्होंने एक 2.5 मीटर का लंबा स्टील का एक कैप्सूल बनाया और उसे एक बोर के जरिए खदान में उतारा।
विज्ञापन
story of the hero of raniganj, the brave engineer jaswant singh gill
'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
जसवंत राहत और बचाव की ट्रेनिंग ले चुके थे। इसलिए वे उस माइन में उतरे। कई लोगों ने और सरकार ने इस बात का विरोध भी किया, लेकिन जसवंत ने किसी की बात मानते हुए रेस्क्यू जारी रखा। उनके दिए आइडिया से खदान में से एक-एक कर लोगों को उस कैप्सूल के जरिए 6 घंटे में बाहर निकाल लिया गया। जब तक सभी 65 लोगों को खदान से बाहर नहीं निकाल लिया गया, जसवंत खुद बाहर नहीं आए।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed