खाना खाने से पहले और उसके बाद अगर आप पांच कामों को रुटीन बना लेंगे तो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से अपना बचाव कर सकेंगे। जानिए इससे क्या और कैसे होगा फायदा।
सब्जियों में पेस्टीसाइड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। शायद ही ऐसी कोई सब्जी हो, जिसमें केमिकल व पेस्टीसाइड न मिला हो। इन सब्जियों व फलों को खाने से कैंसर की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सब्जियों और फल की अच्छे से सफाई जरूरी है। सब्जियों को छीलने से पहले उन्हें नमक के पानी या गर्म पानी में 15 मिनट के लिए डाल दें। उसके बाद साफ पानी से धोएं। पानी में डेढ़ चम्मच सिरका डालकर भी सब्जियों को 15 मिनट के लिए रखा जा सकता है। सिरका भी पेस्टीसाइड को बाहर निकाल देता है।
यह जानकारी मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के चीफ डायटिशियन शिवशंकर व इंडियन डायटिशियन एसोसिएशन पंजाब चैप्टर की जसप्रीत कौर ने पीजीआई चंडीगढ़ में कैंसर की रोकथाम और उपचार में चुनौतियों व पोषण रणनीति पर आयोजित सेमिनार में दी। उन्होंने बताया कि जिन फलों के छिलके हलके होते हैं, उन्हें खाने से पहले कम से कम तीन घंटे तक गर्म पानी में डालकर रखना चाहिए।
जसप्रीत कौर के मुताबिक, कैंसर के तेजी से बढ़ने की एक वजह वेस्टर्न फूड है। हर दूसरे दिन घरों में प्रोसेस्ड या जंक फूड खाया जाता है। इस फूड में न तो फाइबर होता है और न ही न्यूट्रीशियन। यह पचता नहीं है। इससे लोगों को कब्ज व पेट की शिकायत होती हैं। पौष्टिक आहार नहीं होने से इनका शरीर पर बुरा असर पड़ता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है और कैंसर जैसी बीमारियां होने के आसार होते हैं।
चीफ डायटिशियन शिवशंकर के मुताबिक, ट्रेडिशनल फूड (दाल-चावल-सब्जी) जितना खाएंगे, उतना कैंसर दूर भागेगा। खाने के साथ सलाद जरूर खाएं लेकिन सलाद का मतलब यह नहीं कि सिर्फ खीरा या प्याज। सलाद अलग-अलग तरह का होना चाहिए। खीरे के साथ टमाटर, पत्ता गोभी, मूली और गाजर होना चाहिए। कम से कम तीन तरह का सलाद जरूरी है। इससे शरीर को फाइबर के साथ न्यूट्रीशियन मिलेगा।