किसी शहीद की अंतिम विदाई हो तो ऐसी ही हो। पूरा शहर भारत माता की जय के नारे लगा रहा था। देशभक्ति की मिसाल देखिए...
एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हुए सैनिक परगट सिंह का रविवार शाम पैतृक गांव रंबा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी।
हरियाणा के करनाल का वीर सपूत परगट सिंह। शहीद परगट सिंह के पांच साल के बेटे ने सेना की वर्दी पहनकर उन्हें मुखाग्नि दी। इस दृश्य को देखकर सभी की आंखों से आंसुओं की धारा बह रही थी, लेकिन साथ ही पाकिस्तान की नापाक हरकत का गुस्सा भी नजर आ रहा था। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही पाक की तमाम नापाक हरकतों पर करारा जवाब देने की मांग भी की।
अंतिम दर्शन के बाद शहीद के पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जा गया गया। इस दौरान भारत माता के जयघोष और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, परगट सिंह तेरा नाम रहेगा’ के उद्घोष से गांव गूंज उठा। इस दौरान ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के भी नारे लगाए। शहीद की अंतिम विदाई के दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण, नेता और अधिकारी मौजूद रहे। जैसे ही शहीद को मुखाग्नि दी गई तो श्मशान घाट और गांव में मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं।
बेटे परगट सिंह की शहादत पर पिता रत्न सिंह और माता सुखविंद्र कौर ने कहा कि उन्हें बेटे पर नाज है कि वह देश के काम आया। बिलखते हुए उन्होंने कहा कि मोदी साहब, देश के जवान किसी भी कीमत पर शहीद नहीं होने चाहिए, मरने चाहिए तो आतंकवादी। हमने बेटा खोया है, लेकिन आखिर कब तक माएं अपने बेटों को खोती रहेंगी, अब समय आ गया है कि आतंकियों को सबक सिखाया जाए।