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शहीद की अंतिम विदाई: पत्नी हुई बेसुध, फौजी की वर्दी पहने बेटा करता रहा इंतजार

Mon, 25 Dec 2017 04:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा) Updated Mon, 25 Dec 2017 04:34 PM IST
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Funeral of martyr pragat singh in karnal
Martyr Pragat Singh
किसी शहीद की अंतिम विदाई हो तो ऐसी ही हो। पूरा शहर भारत माता की जय के नारे लगा रहा था। देशभक्ति की मिसाल देखिए...
Funeral of martyr pragat singh in karnal
Martyr Pragat Singh
एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हुए सैनिक परगट सिंह का रविवार शाम पैतृक गांव रंबा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी।
Funeral of martyr pragat singh in karnal
Martyr Pragat Singh
हरियाणा के करनाल का वीर सपूत परगट सिंह। शहीद परगट सिंह के पांच साल के बेटे ने सेना की वर्दी पहनकर उन्हें मुखाग्नि दी। इस दृश्य को देखकर सभी की आंखों से आंसुओं की धारा बह रही थी, लेकिन साथ ही पाकिस्तान की नापाक हरकत का गुस्सा भी नजर आ रहा था। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही पाक की तमाम नापाक हरकतों पर करारा जवाब देने की मांग भी की। 
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Funeral of martyr pragat singh in karnal
Martyr Pragat Singh
अंतिम दर्शन के बाद शहीद के पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जा गया गया। इस दौरान भारत माता के जयघोष और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, परगट सिंह तेरा नाम रहेगा’ के उद्घोष से गांव गूंज उठा। इस दौरान ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के भी नारे लगाए। शहीद की अंतिम विदाई के दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण, नेता और अधिकारी मौजूद रहे। जैसे ही शहीद को मुखाग्नि दी गई तो श्मशान घाट और गांव में मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं। 
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Funeral of martyr pragat singh in karnal
Martyr Pragat Singh
बेटे परगट सिंह की शहादत पर पिता रत्न सिंह और माता सुखविंद्र कौर ने कहा कि उन्हें बेटे पर नाज है कि वह देश के काम आया। बिलखते हुए उन्होंने कहा कि मोदी साहब, देश के जवान किसी भी कीमत पर शहीद नहीं होने चाहिए, मरने चाहिए तो आतंकवादी। हमने बेटा खोया है, लेकिन आखिर कब तक माएं अपने बेटों को खोती रहेंगी, अब समय आ गया है कि आतंकियों को सबक सिखाया जाए। 
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