जिस दवा में 8 प्रतिशत तक ही अल्कोहल होना चाहिए था ,उसमें 50 प्रतिशत से भी अधिक तक अल्कोहल होने के प्रमाण मिले हैं। पढ़ें रिपोर्ट।
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शराब से ज्यादा केरला की दवाई में एल्कोहोल
आयुर्वेदिक इलाज में उपयोगी उक्त दवा केरला की एक कंपनी तैयार करती है। यह दवा कुरुक्षेत्र स्थित हरियाणा के उस एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक कालेज में भी सप्लाई की गई थी जिसे दो साल पहले आयुष यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा सरकार कर चुकी है। अमर उजाला को उक्त संस्थान में स्टेट ड्रग टेस्टिंग लैब के शुरु होने की जानकारी मिली थी।
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शराब से ज्यादा केरला की दवाई में एल्कोहोल
जब लैब की जानकारी हासिल की गई तो यहां केरला की एक दवा की टेस्टिंग किये जाने पर अत्याधिक मात्रा में अल्कोहल होने का रहस्य भी सामने आया। इसकी पुष्टि स्टेट ड्रग टेस्टिंग लैब में नियुक्त के गए टेक्नीकल स्टाफ ने की है। श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कालेज की प्रिंसीपल डा.ऊषा दत्त के समक्ष स्टेट ड्रग टेस्टिंग लैब के स्टाफ ने बताया कि यह औषद्यी ब्रांड की यह दवा कई तरह के रोगों में उपयोगी होती है।
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शराब से ज्यादा केरला की दवाई में एल्कोहोल
यह प्रोडक्ट द फार्मास्यूटिकल कार्पोरेशन (आईएम) केरला लिमिटेड, कुट्टानेलूर, थ्रीसर-680014 (ए गवर्नमेंट आफ केरला अंडरटेकिंग) जीएमपी-आईएसओ 9001-2008 सर्टिफाइड कंपनी द्वारा तैयार किया जाता है। इसकी सप्लाई हरियाणा आयुष विभाग की ओर से कुरुक्षेत्र के श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कालेज में हुई थी।
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बताया यह भी गया है है कि उक्त दवा की कई सील बोतलें स्टोर पर पड़े पड़े फट चुकी हैं। लैब स्टाफ का मानना है कि बंद बोतलों का फटना भी अधिक अल्कोहल की बड़ी वजह हो सकती है। फिलहाल अधिकारियों ने इस दवा पर रोक लगा दी है। वहीं आगामी कार्रवाई हरियाणा आयुष विभाग के पास उक्त रिपोर्ट जाने के बाद ही होगी।