दाखिले की दौड़, 'मेरा हो जाए एडमिशन, सबमें यही होड़'
चंडीगढ़ के सरकारी और प्राइवेट कालेजों में ग्रेजुएशन के प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए युवाओं की भीड़ उमड़ रही है। देखिए, तस्वीरें।
दाखिले की दौड़, 'मेरा हो जाए एडमिशन, सबमें यही होड़'
शहर के प्रतिष्ठित सरकारी जीसीजी-11 में दाखिले के दूसरे दिन बीए प्रथम वर्ष में 73 फीसदी कटऑफ पर दाखिला रोक दिया गया। इस कालेज में 70 फीसदी से कम अंकों पर दाखिला मिलना मुश्किल ही है, क्योंकि बीए कोर्स के लिए जीसीजी-11 शहर के टॉप कालेज में शामिल है।
दाखिले की दौड़, 'मेरा हो जाए एडमिशन, सबमें यही होड़'
जीसीजी-11 प्रिंसिपल अचला डोगरा ने कहा कि बीए में 800 में से 635 सीटों पर दो दिन में ही दाखिले हो चुके हैं। पिछली साल बीए का कट ऑफ 60 फीसदी था। इस बार बीए की जिन 635 सीटों पर दाखिला दिया गया है, उनमें जनरल कोटे में 439 और रिजर्व कोटे के 196 स्टूडेंट शामिल हैं।
दाखिले की दौड़, 'मेरा हो जाए एडमिशन, सबमें यही होड़'
वहीं, जीसी-11 के प्रिंसिपल डा. जेएस रघु ने बताया कि बीए में दाखिला अब पहले जितना आसान नहीं रहा। बीए में भी दाखिला पूरी तरह मेरिट और सीटों के हिसाब से दिया जा रहा है। अभी तक 60 फीसदी से अधिक अंक पाने वालों को ही दाखिला दिया गया है।
दाखिले की दौड़, 'मेरा हो जाए एडमिशन, सबमें यही होड़'
डीएवी कालेज-10 में डीन एडमिशन प्रो. अरुण अग्रवाल ने बताया कि 65 फीसदी कटऑफ रहा। इस बार 60 फीसदी से कम वालों को बीए में दाखिला मिलना मुश्किल ही है। वहीं, सेक्टर-32 स्थित एसडी कालेज प्रिंसिपल भूषण कुमार शर्मा ने बताया कि बीए में कट ऑफ 60 से 65 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है।