लुधियाना के सलेम टाबरी के गांव भट्टियां में रहने वाले पीयूष की हत्या उसके सौतेले पिता ने सिर पर वार करने के बाद गला दबा कर की थी। इसके बाद आरोपी शव लेकर छत पर गया और ड्रम में डाल ऊपर से प्लास्टर कर दिया। हत्या करने से पहले दोनों के बीच मारपीट हुई थी। इस बात का खुलासा पोस्टमार्टम के दौरान हुआ। रविवार को डॉ. चरण कवल और डॉ. विशाल पर आधारित दो डॉक्टरों के बोर्ड ने पीयूष के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि पीयूष के सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था। इसके बाद पीयूष का गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया गया। बाद में आरोपी शव को छत पर ले गया।
कलेजा भी नहीं कांपा: बेटे को मारा...शव को ड्रम में भरा, ऊपर से प्लास्टर कर दिया, इस बात पर हैवान बना बाप
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थाना सलेम टाबरी पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। पुलिस आरोपी विवेकानंद मंडल की तलाश कर रही है। सलेम टाबरी थाना के प्रभारी हरजीत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम करा शव परिवार वालों को दे दिया गया है। आरोपी विवेकानंद मंडल अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में छापामारी शुरु कर दी गई है। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम बिहार भेजी जाएगी। अगर आरोपी बिहार में होगा तो उसे वहां से गिरफ्तार किया जाएगा। एसएचओ ने कहा कि इसके अलावा भी पुलिस कई एंगल पर काम कर रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
10 दिन से था लापता
आरोपी ने हत्या कर बेटे पीयूष के हाथ पैरों को बांद दिया था। शव को ड्रम में डालकर ऊपर से प्लास्टर कर दिया था ताकि किसी को कुछ पता न चल सके। 10 दिन तक मां अपने बेटे को ढूंढती रही लेकिन वह नहीं मिल रहा था। शनिवार को पीयूष की मां गीता को शक हुआ तो वह ऊपर गई। छत पर पड़े ड्रम से प्लास्टर हटाया तो बेटे के पैर बंधे मिले।
गीता ने की थी दूसरी शादी
जानकारी के मुताबिक गीता की शादी पहले विवेकानंद मंडल के भाई हिम्मत से हुई थी। पीयूष हिम्मत का ही बेटा था। पति-पत्नी में झगड़ा होने के बाद गीता ने हिम्मत को तलाक दिया और उसी के छोटे भाई विवेकानंद मंडल से शादी कर ली और गांव से लुधियाना आकर किराये के मकान में रहने लगी। घरेलू बातों को लेकर दोनों में झगड़ा होने लगा था।
विवेकानंद मंडल अक्सर गीता के साथ मारपीट करता था। मां के साथ मारपीट होते देख पीयूष अपने सौतेले पिता के साथ बहस करता था और मां के साथ मारपीट का विरोध करता था। कुछ दिन पहले गीता विवेकानंद मंडल से झगड़ा कर अपनी बहन के घर चली गई। इसके बाद विवेकानंद और पीयूष के बीच झगड़ा हुआ। इसी दौरान आरोपी ने पीयूष की निर्मम हत्या कर उसके हाथ पैर बांधकर छत पर पड़े ड्रम में शव रख दिया था।