पंजाब के फरीदकोट के नारायण नगर में नौजवान ठेकेदार कर्ण कटारिया ने पत्नी और दो बच्चों को गोली मारने के बाद खुदकुशी कर ली थी। अब इस मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस विधायक के साले व मुक्तसर निवासी डिंपी विनायक के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा 306 आईपीसी के तहत केस दर्जकर लिया है और आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
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ठेकेदार अपने परिवार के साथ। ( फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने यह केस मृतक ठेकेदार कर्ण कटारिया के सुसाइड नोट और उसके भाई अंकित कटारिया के बयान के आधार पर दर्ज किया है। बता दें कि कर्ण कटारिया व उसके दोनों बच्चों की मौत हो चुकी है जबकि उसकी पत्नी शीनम कटारिया को लुधियाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी है।
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बेटी की फाइल फोटो।
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कर्ण कटारिया के छोटे भाई अंकित कटारिया ने पुलिस को बताया कि उनके पास ट्रक यूनियन गिद्दड़बाहा के फसलों की लिफ्टिंग के ठेके थे। मुक्तसर निवासी डिंपी विनायक का उनके सारे कामों में दखल था और वह उनसे उगाही करता था। पिछले व इस सीजन के दौरान वह उनसे एक करोड़ 22 लाख रूपये ले गया। इसी तरह बिजली के काम में भी वह उनसे जबरन वसूली कर रहा था और दावा करता था कि इस पैसे में विधायक का भी हिस्सा है।
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मौके पर पहुंची पुलिस।
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अंकित के अनुसार जब भी डिंपी से पैसे वापस मांगे तो उसने राजनीतिक जोर की वजह से पैसे देने से साफ इंकार कर दिया जिसके कारण उसका भाई परेशान रहने लगा। दो दिन पहले डिंपी ने उसके भाई से कहा था कि पैसे तो वापिस नहीं मिलेगें, तू खुदकुशी कर लें।
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अस्पताल में भर्ती पत्नी।
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घटना वाले दिन रात के समय भी डिंपी ने फोन करके उसके भाई को परेशान किया था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। सुसाइड नोट के साथ कर्ण कटारिया ने शपथ पत्र पर अपनी सारी अच-अचल जायदाद का मालिक अपने छोटे भाई अंकित को घोषित किया है। साथ ही लेन देन के विवरण की भी जानकारी दी है।