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फर्जी लोन एप पर बड़ा एक्शन: चंडीगढ़ साइबर सेल ने 21 को पकड़ा, इनसे तंग होकर 58 लोग कर चुके आत्महत्या

Mon, 12 Sep 2022 09:40 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 12 Sep 2022 09:40 PM IST
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Chandigarh Cyber Cell caught 21 accused in fake loan app case
पुलिस की गिरफ्त में सभी आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

चंडीगढ़ साइबर सेल ने फर्जी लोन एप के जरिए लोगों को कर्ज देकर ब्लैकमेल और ठगी करने वाले 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले सभी आरोपियों को पुलिस ने पांच राज्यों से गिरफ्तार किया है। इस पूरे गिरोह को चलाने वाला मास्टरमाइंड चीन का है। एसएसपी ने बताया कि अब तक फर्जी लोन एप से ठगी का शिकार होने वाले 58 लोग आरोपियों की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर खुदकुशी कर चुके हैं।पिछले हफ्ते ही आंध्र प्रदेश के एक दंपती ने इसी प्रकरण में सुसाइड कर लिया था। सात आरोपियों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं पुलिस 10 आरोपियों को रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को अदालत में पेश करेगी। चार आरोपी अभी रिमांड पर चल रहे हैं। चंडीगढ़ साइबर सेल के पास अब तक लोन एप से ठगी की 98 शिकायतें आ चुकी हैं।  

Chandigarh Cyber Cell caught 21 accused in fake loan app case
नकाब पहने आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

34 वर्षीय वान चेंघुआ चलाता है पूरा गिरोह 
पुलिस के अनुसार चीन का रहने वाला वान चेंघुआ (34) पूरे गिरोह को संचालित करता था। इसके अलावा पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजस्थान के अलवर निवासी अर्जुन सैनी (27), राजस्थान के दौसा के लेखराज बाइरवा (23), नोएडा के सेक्टर 49 निवासी अंशुल कुमार (25), झारखंड के रांची निवासी परवराज आलम उर्फ सोनू भडाना (32), दिल्ली के साउथ वेस्ट स्थित नायक पाना मोहल्ला निवासी मनीष (28), दिल्ली साउथ वेस्ट के अंबेडकर कॉलोनी निवासी संदीप (23), रेवाडी के गांव बोखा निवासी गयानदीप (20) के रूप में हुई है।

Chandigarh Cyber Cell caught 21 accused in fake loan app case
आरोपियों से बरामद सामान व नकदी। - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने महेंद्रगढ़ के गांव बुच्चावास निवासी आशीष कुमार तंवर (21), दिल्ली साउथ वेस्ट के गांव कापाशेरा निवासी दीपक चंद (22), दिल्ली साउथ वेस्ट के बिजवासन निवासी सौरव झा (22), न्यू दिल्ली के अंबेडकर कॉलोनी निवासी हेमंत कुमार (20), दिल्ली साउथ वेस्ट स्थित जिंदल कॉलोनी निवासी मनवेंद्र राघव (23), उत्तर प्रदेश के जिला कुशीनगर के गांव बलटाल्या निवासी नीरज सिंह (20), बिहार के जिला दरभंगा निवासी ओम प्रकाश झा (20), उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला के सिविल लाइन रोड निवासी मंजीत कुमार (20), ओडिशा के पारादीप के गांव उदयभट्ठा निवासी उत्तम मलिक (24) , उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के गांव तमकूहीराज निवासी आशीष मिश्रा (22), बिहार के जिला जमुई के गांव अमारथ निवासी विकास माहतो (21), नोएडा के संदीप एन्क्लेव निवासी राजेश कुमार (19) और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के गांव करीमूदिनपुर निवासी राजीव कुमार (23) के रूप में हुई है।

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Chandigarh Cyber Cell caught 21 accused in fake loan app case
मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

वान चेंघुआ का हो चुका है वीजा खत्म 
एसपी केतन बंसल ने बताया कि आरोपी वान चेंघुआ का वीजा खत्म हो चुका था। वह नोएडा में रह रहा था। चेंघुआ चीन में बैठे अपने एक और साथी संग मिलकर लोगों को ठग रहा था। चीन में बैठा शख्स वान चेंघुआ को अलग-अलग तरीके से एप तैयार करके देता था। इसके बाद चेंघुआ उन एप की मदद से इस पूरे खेल को संचालित करता था।   

चेन की तरह चल रहा था काम, बांग्लादेश भागने की फिराक में था आरोपी 
पुलिस ने बताया कि वान चेंघुआ ने इस कारोबार को चलाने के लिए सैलरी और कमीशन के तौर पर परवाज आलम उर्फ सोनू भडाना को रखा था। परवाज ने आगे छह से सात टीम लीडर रखे थे। उसने आगे कई युवक और युवतियों को रखा था। उनका काम सिर्फ लोगों को लिंक भेजकर झांसे में लेना और रुपये ठगना था। पुलिस ने बताया कि परवाज आलम बांग्लादेश भागने की फिराक में था। 

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Chandigarh Cyber Cell caught 21 accused in fake loan app case
प्रेसवार्ता करते पुलिस अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

रुपये न देने पर भेजते थे अश्लील तस्वीरें 
आरोपी लोगों को लोन के लिए एक लिंक भेजते थे। जिसमें तीन से पांच हजार रुपये तक लोन लेने का विकल्प होता था। जरूरतमंद व्यक्ति उस एप को डाउनलोड कर लोन ले लेता था। इसके एक हफ्ते बाद आरोपी लोन के तीन गुना पैसे मांगते थे। जब पीड़ित तीन गुना रुपयों के बारे में पूछते थे तो वह पीड़ित की तस्वीर को किसी महिला के साथ जोड़ देते थे या पीड़ित की पत्नी और मां की तस्वीर को किसी व्यक्ति के साथ जोड़कर उसके मोबाइल पर भेज देते थे। जिसे वह वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था। आरोपी लोन के रुपये लेने के बाद पीड़ित को धमकी देते थे।  

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