कैंसर और हमारे खाने के तरीके को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अगर आप भी इस तरह खाना खाते हैं तो सावधान रहने की जरूरत है। कुछ ऐसे कैंसर हैं जो पहले केवल पश्चिमी देशों में होते थे। लेकिन इन्होंने अब भारत में भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। पेट के इस कैंसर से आपको भी अलर्ट रहना चाहिए। अगली स्लाइड में पढ़ें कारण...
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इसमें प्रमुख रूप से पेट और कोलन के कैंसर हैं। पीजीआई चंडीगढ़ के कैंसर विशेषज्ञ डा. राकेश कपूर के मुताबिक कैंसर के कई रिस्क फैक्टर होते हैं। पेट और कोलन कैंसर में खड़े होकर खाना भी एक रिस्क फैक्टर है। पहले लोग बैठकर खाना खाते थे, लेकिन अब लोग खड़े होकर खाना खाते हैं।
इससे जो खाना पेट में धीरे-धीरे पहुंचना चाहिए, वह तेजी से स्माल इंस्टेटाइन में जाता है। इससे एसिड रिलीज होता है और अंदर का सिस्टम खराब होता है। इससे पेट और कोलन के कैंसर होने के चांस होते हैं।
उन्होंने बताया कि योग करने से भी कैंसर को रोकने में मदद मिलती है। योग से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और इलाज के दौरान अच्छा रिस्पांस मिलता है। हल्दी के लंबे समय तक इस्तेमाल से भी कैंसर की रोकथाम होती है। कैंसर में एंटी आक्सीडेंट और एंटी सेप्टिक एलीमेंट होते हैं, जो कैंसर को रोकने में मदद करते हैं।
पुरुषों में लंग्स कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर
कैंसर का मर्ज लगातार बढ़ रहा है। जनसंख्या के आधार पर चंडीगढ़ में दर्ज किए गए केस की एक रिपोर्ट के मुताबिक शहर के पुरुषों में लंग्स कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। एक लाख की आबादी पर करीब 12 लोगों को लंग्स कैंसर है जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर। एक लाख की आबादी पर 34 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं।
डा. जेएस ठाकुर ने बताया कि लंग्स कैंसर की कई वजह हैं। स्मोकिंग, तंबाकू, वायु प्रदूषण सहित कई कारण हैं। कैंसर के सिर्फ एक कारण नहीं बल्कि मल्टीप्ल कारण होते हैं, लेकिन ये सब रिस्क फैक्टर हैं। महिलाओं में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर की वजह पर उन्होंने कहा कि इसके भी कई कारण हो सकते हैं। सबसे प्रमुख कारण महिलाओं के लाइफ स्टाइल में आ रहा बदलाव है।