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पढ़ें...नीरजा भनोट ने कैसे बचाई थीं 360 लोगों की जान, बहादुरी की कहानी अब आई सामने
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Sep 2018 04:17 PM IST
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ब्रेव डॉटर ऑफ इंडिया नीरजा भनोट ने अपनी जान देकर 360 लोगों की बचाई थी और वो भी ऐसे, जानकर पूरी दुनिया दंग रह गई थी, पढ़ें बहादुरी का किस्सा...
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5 सितंबर 1986 को अमेरिकी एयरवेज का विमान पैन एम73, करीब 380 यात्री लेकर पाकिस्तान के कराची हवाई अड्डे पर पायलट का इंतजार कर रहा था। अचानक उसमें चार हथियारबंद आतंकवादी घुस गए और सभी यात्रियों को गन प्वांइट पर ले लिया। आतंकवादी प्लेन को 9/11 की तरह इजराइल में किसी निर्धारित जगह पर क्रैश कराना चाहते थे, लेकिन नीरजा भनोट ने ऐसा नहीं होने दिया।
नीरजा
आतंकियों ने पाकिस्तान सरकार से पायलट भेजने की मांग की, ताकि वो विमान को अपने मन मुताबिक जगह पर ले जा सकें, पाक सरकार ने मना कर दिया। इससे भन्नाए आतंकियों ने विमान में बैठे अमेरिकी यात्रियों को मारने का फैसला कर लिया। वो अमेरिका के जरिए पाक सरकार पर दबाव बनाने की ताक में थे। लेकिन उन्हें नहीं पता था इसी विमान की 23 साल की अकेली पतली-दुबली फ्लाइट अटेंडेंट उन पर भारी पड़ जाएगी। आतंकियों ने गलती से नीरजा को बुला लिया और सभी यात्रियों के पासपोर्ट इकट्ठा करने को कहा, ताकि वो अमेरिकी नागरिकों को चुन-चुन कर मार सकें।
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नीरजा
लेकिन नीरजा नेआतंकियों की आंखों में धूल झोंक दिया। विमान में अमेरिकी यात्री बैठे हुए थे, पर एक भी आतंकियों के हवाले नहीं हुए। लड़की ने सबके पासपोर्ट छुपा लिए। यह जानकर आतंकी तिलमिला उठे। वे एक अंग्रेज को खींचकर विमान के गेट पर ले आए और गोली मारने लगे। लेकिन यहां भी लड़की ने अपने कार्यकुशलता का परिचय दिया और आतंकियों का ऐसा दिमाग घूमाया कि उन्होंने उस ब्रिटिश को छोड़ दिया। आतंकियों और पाक सरकार में लगातार खींचातानी चलती रही।
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नीरजा भनोट की कहानी
- फोटो : File Photo
इधर 380 डरे हुए लोगों में एक अकेली भारतीय लड़की डटी रही। लड़की ने 17 घंटे हिम्मत बांधे रखी। अचानक उसे खयाल आया कि अब विमान का ईंधन खत्म होने वाला है। ऐसा हुआ तो विमान में अंधेरा छा जाएगा और भागदौड़ मच जाएगी। जिसमें बेतहाशा खून बहेगा। लड़की ने फिर अपने भारतीय होने की पहचान दी। उसने तत्काल आतंकियों को खाने का पैकेट दिया और यात्रियों को आपातकालीन खिड़कियों के बारे में तेजी समझाया। तभी विमान का ईंधन खत्म हो गया। चारों तरफ अंधेरा छा गया।