आईपीएस पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले की जांच में सामने आया है कि वसीयत और सुसाइड नोट दो अलग-अलग तारीखों पर लिखे गए हैं। वसीयत पर छह अक्तूबर जबकि सुसाइड नोट पर सात अक्तूबर की तारीख दर्ज है। दोनों दस्तावेजों पर आईपीएस ने हरे रंग के पेन से हस्ताक्षर किए हैं।
सूत्रों के अनुसार अधिकारी ने आत्महत्या से पहले पूरी योजना बनाकर कदम उठाया। पहले वसीयत तैयार की और अगले दिन सुसाइड नोट लिखा। पुलिस को घर की तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। बताया जाता है कि तलाशी के समय वहां मौजूद एक रिश्तेदार, जो बठिंडा के मौजूदा विधायक हैं और पुलिस टीम के बीच बहस भी हुई थी।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी
- फोटो : पीटीआई
पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं दो अलग-अलग तारीखें डालकर जांच को गुमराह तो नहीं किया गया। सुसाइड नोट पर 7 अक्तूबर, जबकि वसीयत पर 6 अक्तूबर की तारीख होने से शक गहरा गया है। दोनों दस्तावेजों की लिखावट, स्याही और समय का बारीकी से फोरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
हरियाणा पुलिस ने जताया शोक
वाई पूरण कुमार के निधन पर हरियाणा पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर शोक संदेश पोस्ट किया गया है। इसमें लिखा है कि हरियाणा पुलिस वाई पूरण कुमार के असामयिक निधन से विभाग अत्यंत दुखी और स्तब्ध है। हम इस कठिन घड़ी में उनके परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी
- फोटो : पीटीआई
बेहद मिलनसार अधिकारी थे
वाई पूरण कुमार का कार्यकाल रोहतक में लंबा नहीं रहा। वे अप्रैल से सितंबर तक ही रेंज के आईजी रहे। ज्यादातर पुलिसकर्मी खुलकर नहीं बोल रहे हैं। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि वे काफी मिलनसार स्वभाव के थे। अचानक उनकी मौत से विभाग सकते में है।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने की खुदकुशी, पुलिस व परिजन के साथ बेटी
- फोटो : पीटीआई
शराब ठेकेदार का वीडियो वायरल, बोला आईजी कार्यालय में बुलाकर धमकाया गया
पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार पर मंथली मांगने का आरोप लगाने वाले शराब ठेकेदार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।