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एडीजीपी ने दी जान: कभी पदोन्नति नीति पर सवाल तो कभी दलित उत्पीड़न, किसी न किसी कारण चर्चा में रहे हैं वाई पूरण

Wed, 08 Oct 2025 01:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 08 Oct 2025 01:20 PM IST
सार

आत्महत्या करने वाले हरियाणा के एडीजीपी किसी न किसी कारण चर्चा में रहे हैं। वाई पूरण कुमार ने कभी पदोन्नति नीति पर उठाए सवाल तो कभी दलित उत्पीड़न के आरोप लगाए। पिछले साल उन्होंने राज्य में आईपीएस अफसरों की पदोन्नति को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया था। 

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ADGP Y Puran suicide case raised questions on promotion policy and made allegations of Dalit oppression
ADGP Y Puran suicide - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार का नाम हमेशा चर्चा में रहा है। कभी सिस्टम पर सवाल उठाने के कारण, तो कभी वरिष्ठ अधिकारियों से टकराव को लेकर उनकी खूब चर्चा रही है। पूरण कुमार ने पुलिस विभाग में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर कई बार आवाज उठाई जिसके चलते वे कई विवादों में घिरे भी रहे। वहीं पूर्व डीजीपी पर उन्होंने दलित उत्पीड़न के भी आरोप लगाए।


पिछले साल उन्होंने राज्य में आईपीएस अफसरों की पदोन्नति को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कहा था कि 1991, 1996, 1997 और 2005 बैच के कुछ अफसरों को गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के खिलाफ पदोन्नति दी गई।
 
ADGP Y Puran suicide case raised questions on promotion policy and made allegations of Dalit oppression
एडीजीपी वाई पूरण कुमार की फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई
उन्होंने आरोप लगाया था कि वित्त विभाग ने गृह मंत्रालय की मंजूरी के बिना अपनी सहमति से पदोन्नति कर दी। पूरण कुमार ने 11 अक्तूबर 2022 को गृह विभाग के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया था कि 2001 बैच के आईपीएस अधिकारियों को समय पर पदोन्नति और बकाया वेतन मिलना चाहिए।
ADGP Y Puran suicide case raised questions on promotion policy and made allegations of Dalit oppression
एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने गोली मार की खुदकुशी, मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : पीटीआई
पूर्व डीजीपी पर एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज करने की मांग की थी 
पूरण कुमार ने पूर्व डीजीपी मनोज यादव पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने अंबाला के एसपी को दी शिकायत में एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की थी। तत्कालीन आईजी पूरण कुमार ने कहा था कि तीन अगस्त 2020 को सार्वजनिक अवकाश के दिन वे शहजादपुर थाने के मंदिर में माथा टेकने गए थे। 
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ADGP Y Puran suicide case raised questions on promotion policy and made allegations of Dalit oppression
मूवी थिएटर में इसी सोफे पर बैठ मारी गोली - फोटो : पीटीआई
वहां तत्कालीन एसपी अभिषेक जोरवाल भी मौजूद थे। 17 अगस्त 2020 को डीजीपी मनोज यादव ने उन्हें पत्र भेजकर मंदिर निर्माण को लेकर अनुमति पर सवाल उठाया जिसे पूरण ने अनुचित कार्रवाई बताया और कहा कि उन्हें प्रताड़ित किया गया।

 
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ADGP Y Puran suicide case raised questions on promotion policy and made allegations of Dalit oppression
एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी - फोटो : पीटीआई
कैडर प्रमोशन और देरी से प्रमोशन पर उठाए सवाल
हरियाणा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पद पर कैडर पदों की संख्या से ज्यादा प्रमोशन देने पर पूरण कुमार ने सवाल उठाए थे। इसी तरह अपने 2001 के कैडर को देरी से प्रमोशन देने की शिकायत भी हरियाणा सरकार से की थी। दोनों समय पर तत्कालीन प्रमुख सचिवों पर भी पक्षपात का आरोप लगाया था क्योंकि प्रमुख सचिव इन मामलों में फैसला लेने की पावर रखता है। उन्होंने नौ आईपीएस अधिकारियों के दो-दो सरकारी मकानों पर कब्जे का मामला उजागर किया।
 
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