{"_id":"5df8820f8ebc3e87b0706650","slug":"after-the-decision-in-the-mla-sengar-case-there-was-disappointment-in-the-family","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण: फैसले के बाद खेमे में मायूसी, परिवार में निराशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण: फैसले के बाद खेमे में मायूसी, परिवार में निराशा
Tue, 17 Dec 2019 01:15 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 17 Dec 2019 01:15 PM IST
विज्ञापन
विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 127 दिन लगातार सुनवाई के बाद 10 दिसंबर को सोमवार 16 दिसंबर को नाबालिग से दुष्कर्म के मुकदमे में फैसला सुनाने की बात कही थी। इसके बाद से ही विधायक के कुनबे में राहत मिलने की उम्मीदें और मन्नतें शुरू हो गईं थीं। विधायक पक्ष और उनके परिवार को पूरा भरोसा था कि विधायक निर्दोष साबित होंगे।
विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
जांच को जिले का चक्कर लगाती रही थी सीबीआई
विधायक प्रकरण में सीबीआई की टीमें पूरे बीते 20 महीने में कई बार उन्नाव आईं थी। कभी दुष्कर्म के आरोप पर लोगों के बयान लेने तो कभी पीड़िता के पिता की पिटाई की घटना की जांच करने। विधायक की ओर से पीड़िता के नाबालिग होने पर सवाल उठाए गए तो सीबीआई ने जांच के लिए गांव में स्थित विधायक के भाई अतुल सेंगर के स्कूल से लेकर पीड़िता के ननिहाल रायबरेली के गांव के उस स्कूल की भी खाक छानी जहां से पीड़िता ने प्रारंभिक शिक्षा ली थी।
रायबरेली में पीड़िता के रहस्यमय सड़क हादसे के बाद मामला फिर सुर्खियों में आया तो सीबीआई ने एक बार फिर गांव से लेकर शहर तक जांच और साक्ष्यों को जुटाने में तमाम चक्कर लगाए थे। जांच के दौरान करीब एक महीने तक सीबीआई टीम ने रेलवे के गेस्ट हाउस में रुक कर जांच पूरी की थी।
विधायक प्रकरण में सीबीआई की टीमें पूरे बीते 20 महीने में कई बार उन्नाव आईं थी। कभी दुष्कर्म के आरोप पर लोगों के बयान लेने तो कभी पीड़िता के पिता की पिटाई की घटना की जांच करने। विधायक की ओर से पीड़िता के नाबालिग होने पर सवाल उठाए गए तो सीबीआई ने जांच के लिए गांव में स्थित विधायक के भाई अतुल सेंगर के स्कूल से लेकर पीड़िता के ननिहाल रायबरेली के गांव के उस स्कूल की भी खाक छानी जहां से पीड़िता ने प्रारंभिक शिक्षा ली थी।
रायबरेली में पीड़िता के रहस्यमय सड़क हादसे के बाद मामला फिर सुर्खियों में आया तो सीबीआई ने एक बार फिर गांव से लेकर शहर तक जांच और साक्ष्यों को जुटाने में तमाम चक्कर लगाए थे। जांच के दौरान करीब एक महीने तक सीबीआई टीम ने रेलवे के गेस्ट हाउस में रुक कर जांच पूरी की थी।
विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस हुई सतर्क
दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने के बाद विधायक के गांव में पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी। वहीं पीड़िता के घर के बाहर तैनात सीआरपीएफ के जवान मुस्तैद रहे। गांव में पुलिस के जवान घूमकर जायजा लेते रहे। यही हाल शहर के सिविल लाइंस में स्थित विधायक व उनके मृतक भाई मनोज सिंह के मकान का रहा। खुफिया पुलिस भी घूम घूमकर टोह लेती रही।
दोषी साबित, अब विधायकी जाने की चर्चा
नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी पाए जाने के बाद उन्नाव के बागंरमऊ विधानसभा क्षेत्र से विधायकी खत्म होने की भी चर्चा शुरू हो गई है। जानकारों का कहना है कि दोष सिद्ध होने के बाद उनकी विधानसभा से सदस्यता समाप्त हो जाएगी। उनके निर्वाचन क्षेत्र बांगरमऊ में भी सन्नाटा है। न्यायालय का फैसला आने के बाद लोग कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने के बाद विधायक के गांव में पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी। वहीं पीड़िता के घर के बाहर तैनात सीआरपीएफ के जवान मुस्तैद रहे। गांव में पुलिस के जवान घूमकर जायजा लेते रहे। यही हाल शहर के सिविल लाइंस में स्थित विधायक व उनके मृतक भाई मनोज सिंह के मकान का रहा। खुफिया पुलिस भी घूम घूमकर टोह लेती रही।
दोषी साबित, अब विधायकी जाने की चर्चा
नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी पाए जाने के बाद उन्नाव के बागंरमऊ विधानसभा क्षेत्र से विधायकी खत्म होने की भी चर्चा शुरू हो गई है। जानकारों का कहना है कि दोष सिद्ध होने के बाद उनकी विधानसभा से सदस्यता समाप्त हो जाएगी। उनके निर्वाचन क्षेत्र बांगरमऊ में भी सन्नाटा है। न्यायालय का फैसला आने के बाद लोग कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
भाई के अंतिम संस्कार में दिखाया था रसूख
छोटे भाई मनोज सेंगर के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए कुलदीप सेंगर ने श्मशान घाट में भी अपना रसूख दिखाया। उनके गुर्गों के अलावा पड़ोसी जिले के विधायक ने भी श्मशान घाट में भीड़ बढ़ाकर विधायक सेंगर का रसूख अब तक कायम होना साबित करने का प्रयास किया।
महीनों से जेल की सलाखों के पीछे पड़े सेंगर ने भाई की अंत्येष्टि में श्मशान घाट पर हजारों की भीड़ देखी तो खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने कभी कुर्सी पर खड़े होकर तो कभी ट्रैक्टर की ट्राली में खड़े होकर लोगों को संबोधित भी किया था।
उन्होंने डबडबाई आखों और रुंधी आवाज में लोगों से कहा था कि मेरा एक भाई गया है, लेकिन आप सभी भाई हो। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए ईश्वर पर विश्वास रखने की बात कही थी। मालूम हो कि 26 अक्तूबर 2019 को विधायक की पैरोकारी के कारण दिल्ली में रहने के दौरान उनके भाई मनोज सेंगर की मौत हो गई थी।
छोटे भाई मनोज सेंगर के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए कुलदीप सेंगर ने श्मशान घाट में भी अपना रसूख दिखाया। उनके गुर्गों के अलावा पड़ोसी जिले के विधायक ने भी श्मशान घाट में भीड़ बढ़ाकर विधायक सेंगर का रसूख अब तक कायम होना साबित करने का प्रयास किया।
महीनों से जेल की सलाखों के पीछे पड़े सेंगर ने भाई की अंत्येष्टि में श्मशान घाट पर हजारों की भीड़ देखी तो खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने कभी कुर्सी पर खड़े होकर तो कभी ट्रैक्टर की ट्राली में खड़े होकर लोगों को संबोधित भी किया था।
उन्होंने डबडबाई आखों और रुंधी आवाज में लोगों से कहा था कि मेरा एक भाई गया है, लेकिन आप सभी भाई हो। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए ईश्वर पर विश्वास रखने की बात कही थी। मालूम हो कि 26 अक्तूबर 2019 को विधायक की पैरोकारी के कारण दिल्ली में रहने के दौरान उनके भाई मनोज सेंगर की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
न्यायालय का फैसला शिरोधार्य, सांसद
सांसद साक्षी महाराज ने विधायक सेंगर के मुकदमे में न्यायालय के फैसले को लेकर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वह न्यायालय और उसके फैसले का सम्मान करते हैं।
न्यायालय का फैसला कानून का आदर्श
सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। इस निर्णय से कानून का आदर्श प्रस्तुत हुआ है। साथ ही इससे भाजपा का चाल, चरित्र भी उजागर हुआ है।
सांसद साक्षी महाराज ने विधायक सेंगर के मुकदमे में न्यायालय के फैसले को लेकर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वह न्यायालय और उसके फैसले का सम्मान करते हैं।
न्यायालय का फैसला कानून का आदर्श
सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। इस निर्णय से कानून का आदर्श प्रस्तुत हुआ है। साथ ही इससे भाजपा का चाल, चरित्र भी उजागर हुआ है।