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एमपी में यात्री परिवहन का नया विजन: एआई से तय होंगे बस रूट, इलेक्ट्रिक बसों पर जोर; 11 सितंबर से समिट

Thu, 10 Sep 2026 03:45 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Thu, 10 Sep 2026 03:45 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए शुक्रवार से इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 शुरू होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इसका शुभारंभ करेंगे। समिट में देशभर के विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, आईटी कंपनियां और उद्योग जगत के प्रतिनिधि जुटेंगे।  

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New vision for passenger transport in MP: AI to determine bus routes, emphasis on electric buses; summit begin
सीएम डॉ मोहन यादव - फोटो : Dr Mohan Yadav Facebook

विस्तार

मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन को अब पारंपरिक व्यवस्था से आगे ले जाकर स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की तैयारी है। इसके लिए 11 सितंबर से इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समिट का शुभारंभ करेंगे। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल भी इसमें शामिल होंगे। समिट में देशभर के निजी बस ऑपरेटर, राज्य परिवहन उपक्रम, नीति-निर्माता, परिवहन विशेषज्ञ, IT कंपनियां और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर आएंगे। यहां मध्यप्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए रणनीति और सुझावों पर मंथन होगा।
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एआई से बस रूट की प्लानिंग, स्मार्ट सिस्टम पर जोर
समिट का प्रमुख केंद्र ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ रहेगा। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवायपीआईएल) के माध्यम से पीपीपी मॉडल, आधुनिक आईटी सिस्टम और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। आठ अलग-अलग सत्रों में यात्री परिवहन से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन करेंगे। इनमें खास तौर पर एआई और रियल टाइम डेटा के जरिए इंट्रा-सिटी और इंटर-सिटी बस रूटों की प्लानिंग शामिल है। इसके अलावा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), बस संचालन और शेड्यूलिंग को बेहतर बनाने पर भी चर्चा होगी। 
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इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों पर भी मंथन
भविष्य के लिए तैयार बस बेड़े को लेकर भी समिट में महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग और रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो तथा उन्नत चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। यात्री सुरक्षा को भी समिट में प्रमुख स्थान दिया गया है। सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, बसों का प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, रियल टाइम यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। 

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‘ऑटोमेटिक टिकट फेयर सिस्टम पर भी मंथन
यात्रियों को अलग-अलग परिवहन माध्यमों में आसानी से सफर कराने के लिए एकीकृत टिकटिंग और ऑटोमेटिक टिकट फेयर सिस्टम पर भी मंथन होगा। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, ओपन-लूप भुगतान प्रणाली और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस (MaaS) प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों को निर्बाध यात्रा अनुभव देने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।


विज्ञापन, नामाकरण अधिकार से आय बढ़ाने पर विचार
समिट में सार्वजनिक बस संचालन को केवल किराए पर निर्भर रखने के बजाय गैर-किराया राजस्व बढ़ाने के विकल्पों पर भी चर्चा होगी। विज्ञापन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और नामकरण अधिकार जैसे माध्यमों से आय बढ़ाने तथा प्रदर्शन आधारित अनुबंधों पर विचार किया जाएगा। पीपीपी मॉडल के जरिए बस टर्मिनल, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम में निवेश आकर्षित करने की रणनीति भी तैयार की जाएगी।

कुशल पेशेवरों को जोड़ने पर होगी चर्चा 
यात्री परिवहन क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के उपयोग पर भी चर्चा होगी। पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के जरिए ट्रांसपोर्टरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों और कुशल पेशेवरों को जोड़ने पर मंथन होगा।

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इंडस्ट्री एक्सपो और हैकाथॉन का भी शुभारंभ
मुख्यमंत्री समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इसमें बस निर्माता, आईटी कंपनियां, वित्तीय संस्थान और परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योग अपनी तकनीक और नवाचार प्रदर्शित करेंगे। एमपीवायपीआईएल के नए लोगो का अनावरण और विशेष पुस्तिका का विमोचन भी होगा। परिवहन क्षेत्र में तकनीकी समाधान विकसित करने वाले मोबिलिटी स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए हैकाथॉन भी शुरू किया जाएगा।

इन संस्थानों को विशेषज्ञ होंगे शामिल 
समिट में ईकेए मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, ग्रीनसेल मोबिलिटी, वोल्वो-आयशर, स्विच मोबिलिटी, रैपिडो, चलो मोबिलिटी, इंडियन ऑयल, एसबीआई समेत कई कंपनियां शामिल होंगी। डब्ल्यूआरआई इंडिया, बिट्स पिलानी, सीईपीटी अहमदाबाद, केपीएमजी और डीआईएमटीएस जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ भी अपने सुझाव देंगे। समिट के आठ सत्रों से निकलने वाले सुझावों के आधार पर प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, सुरक्षित, सुविधाजनक, वित्तीय रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाने की आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।


 
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