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सुंदर महिला की डेडबॉडी के साथ होता है दुष्कर्म...बयान के बाद भोपाल में धरने पर बैठे कांग्रेस MLA हिरासत में
Wed, 09 Sep 2026 07:01 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 09 Sep 2026 07:01 PM IST
सार
रीवा में कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के संजय गांधी अस्पताल को लेकर दिए बयान से विवाद बढ़ गया है। विधायक के गंभीर आरोपों को अस्पताल प्रबंधन ने निराधार बताते हुए खारिज किया है। वहीं, बुधवार को वल्लभ भवन के सामने धरने पर बैठे विधायक को पुलिस ने उठाया।
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कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किसी सुंदर महिला की मौत के बाद पोस्टमार्टम के दौरान परिजन मौजूद नहीं रहते हैं तो शव के साथ दुष्कर्म किया जाता है। शव के पास खड़े रहने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। यह आरोप रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके बच्चे की मौत के मामले को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने लगाए। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। रीवा के संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां विधायक के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच हलचल बढ़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान बता रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या विधायक अपने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश करते हैं या यह मामला सिर्फ बयानों की राजनीति तक ही सीमित रह जाता है।
ये पढें- रीवा में जच्चा-बच्चा के मौत का मामला : मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे विधायक अभय मिश्रा, भोपाल पुलिस उठा ले गई
भोपाल में धरने पर बैठे, पुलिस ने उठाया
रीवा के संजय गांधी अस्प्ताल में कल्पना मिश्रा और उसके बच्चे की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन में रीवा के सेमरिया से विधायक अभय मिश्रा के बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसको लेकर सियासी चर्चा भी तेज हो गई। विधायक ने संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्था के साथ पोस्टमार्टम और मोर्चरी की स्थिति को लेकर जमकर सवाल किए। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस का प्रदर्शन भी विवाद में आ गया। विधायक ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसको लेकर वह बुधवार को वल्लभ भवन के सामने धरने पर भी बैठे, जिसके बाद उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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ये भी पढ़ें- एमपी में मूंग उपार्जन घोटाला: किसानों के खेत का कराया फर्जी रजिस्ट्रेशन,बाजार से सस्ती मूंग खरीद सरकार को बेची
22 साल में गर्भवती....वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
रीवा में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान विधायक अभय मिश्रा ने अस्पताल की सुरक्षा और पोस्टमार्टम व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोई सुंदर महिला की मौत के बाद पोस्टमार्ट के दौरान परिजन मौजूद नहीं रहते है तो शव के साथ दुष्कर्म किया जाता है। शव के पास खड़े रहने के पैसे देने पड़ते हैं। हालांकि विधायक ने अपने आरोपों को लेकर कोई प्रमाण नहीं दिया। वहीं, अस्पताल के अधीक्षक के मृतका के परिजनों को धमकाने और उसे 22 साल में गर्भवती करने वाले बयान को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी बात कहने वालों को अपनी मां से पूछना चाहिए कि वह कितने साल में गर्भवती हुई।
जिंदा को घोषित कर दिया मृत
बता दें संजय गांधी अस्पताल से लगातार गंडबड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। एक जिंदा बुजुर्ग को मृत बता कर मोर्चरी में भेज दिया गया। इस बीच रास्ते में उनकी सांसे चलती दिखी तो परिजनों ने उनको दोबारा आईसीयू में भर्ती कराया।
अस्पताल ने बयान को बताया निराधार
वहीं, विधायक के इस बयान के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है। संजय गांधी अस्पताल के सीएमओ डॉ. अलख प्रकाश ने विधायक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि माननीय विधायक जी द्वारा जनता के सामने दिया गया यह वक्तव्य एकदम निराधार है और इसमें कोई सत्यता नहीं है। एक जनप्रतिनिधि को ऐसा बयान देने से पहले सोचना चाहिए कि वे क्या आरोप लगा रहे हैं। यदि उनके पास कोई स्पष्ट प्रमाण है, तो वे उसे सबके सामने प्रस्तुत करें।"
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भोपाल में धरने पर बैठे, पुलिस ने उठाया
रीवा के संजय गांधी अस्प्ताल में कल्पना मिश्रा और उसके बच्चे की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन में रीवा के सेमरिया से विधायक अभय मिश्रा के बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसको लेकर सियासी चर्चा भी तेज हो गई। विधायक ने संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्था के साथ पोस्टमार्टम और मोर्चरी की स्थिति को लेकर जमकर सवाल किए। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस का प्रदर्शन भी विवाद में आ गया। विधायक ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसको लेकर वह बुधवार को वल्लभ भवन के सामने धरने पर भी बैठे, जिसके बाद उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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22 साल में गर्भवती....वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
रीवा में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान विधायक अभय मिश्रा ने अस्पताल की सुरक्षा और पोस्टमार्टम व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोई सुंदर महिला की मौत के बाद पोस्टमार्ट के दौरान परिजन मौजूद नहीं रहते है तो शव के साथ दुष्कर्म किया जाता है। शव के पास खड़े रहने के पैसे देने पड़ते हैं। हालांकि विधायक ने अपने आरोपों को लेकर कोई प्रमाण नहीं दिया। वहीं, अस्पताल के अधीक्षक के मृतका के परिजनों को धमकाने और उसे 22 साल में गर्भवती करने वाले बयान को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी बात कहने वालों को अपनी मां से पूछना चाहिए कि वह कितने साल में गर्भवती हुई।
जिंदा को घोषित कर दिया मृत
बता दें संजय गांधी अस्पताल से लगातार गंडबड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। एक जिंदा बुजुर्ग को मृत बता कर मोर्चरी में भेज दिया गया। इस बीच रास्ते में उनकी सांसे चलती दिखी तो परिजनों ने उनको दोबारा आईसीयू में भर्ती कराया।
अस्पताल ने बयान को बताया निराधार
वहीं, विधायक के इस बयान के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है। संजय गांधी अस्पताल के सीएमओ डॉ. अलख प्रकाश ने विधायक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि माननीय विधायक जी द्वारा जनता के सामने दिया गया यह वक्तव्य एकदम निराधार है और इसमें कोई सत्यता नहीं है। एक जनप्रतिनिधि को ऐसा बयान देने से पहले सोचना चाहिए कि वे क्या आरोप लगा रहे हैं। यदि उनके पास कोई स्पष्ट प्रमाण है, तो वे उसे सबके सामने प्रस्तुत करें।"
