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जंग का असर : पेट्रोल की लड़ाई में पानी भी महंगा, कच्चे माल की कीमत बढ़ने से कंपनियों को झटका
Thu, 12 Mar 2026 09:24 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 12 Mar 2026 09:24 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में बोतलबंद पानी का बाजार पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। बोतलबंद पानी के संगठनों के अनुसार बोतलों और प्रीफॉर्म की लागत सीधे प्रभावित हुई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
ईरान-अमेरिका जंग के कारण बोतलबंद पानी भी महंगा हो गया है। कच्चे माल और परिवहन लागत बढ़ने से कंपनियों को झटका लगा है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर - एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश पैकेज्ड वॉटर एसोसिएशन ने दाम बढ़ाए हैं।
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12 बोतलों के एक डिब्बे की कीमत में न्यूनतम 10 रुपये की वृद्धि की गई है। यदि युद्ध लंबा चला तो अगले सात दिन में यह महंगाई दोगुनी हो सकती है। अकेले उत्तर प्रदेश में बोतलबंद पानी का बाजार पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। बोतलबंद पानी के संगठनों के अनुसार, पीईटी रेजिन की कीमतों में करीब 25.75 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इससे बोतलों और प्रीफॉर्म की लागत सीधे प्रभावित - हुई है। 6 मार्च से विभिन्न पॉलिमर की कीमतों में भी बड़ा इजाफा हुआ - है। हाई-डेंसिटी पॉलीइथिलीन - (एचडीपीई) में 15,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है। लो डेंसिटी पॉलीइथिलीन (एलडीपीई) में 17,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन = की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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उत्पाद उपलब्ध कराना मुश्किल
एलडी एएल/डब्ल्यू एंड सी में 18,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं एलडी एचडी/ईसी में 20,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। सर्च एक्वा के प्रबंध निदेशक नीतेश सक्सेना ने बताया कि कच्चे माल की भारी वृद्धि से उत्त्पाद उपलब्ध कराना मुश्किल है। भू-राजनीतिक तनाव से पैकेजिंग और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं।
उत्पादन और आपूर्ति पर प्रभाव
सात मार्च तक श्रिंक पैक की कीमत में 35 फीसदी, पीईटी प्रीफॉर्म में 25 फीसदी और ढक्कन की कीमत में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों ने कहा है कि बढ़ती लागत को पूरी तरह वहन करना संभव नहीं है। उत्पादन और आपूर्ति बनाए रखने के लिए कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया है। नई दरों के तहत 250 मिली, 500 मिली, 1 लीटर और 2 लीटर की बोतलों के डिब्बे में 10 रुपये तक की बढ़ोतरी तत्काल लागू की गई है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन न्यूनतम 55-60 लाख बोतलों की खपत होती है।