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UP:तेल कंपनियों का दावा, यूपी में पेट्रोल डीजल व एलपीजी का कोई संकट नहीं, सीएम की अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें

Thu, 12 Mar 2026 08:30 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Thu, 12 Mar 2026 08:30 AM IST
सार

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के समूह (ओएमसी) ने कहा है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराने या अतिरिक्त स्टॉक करने की जरूरत नहीं है। वहीं, सीएम योगी ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
 

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There is no shortage of petrol, diesel and LPG in Uttar Pradesh, claim oil companies.
मुख्यमंत्री योगी की अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें - फोटो : amar ujala

विस्तार

एलपीजी सिलिंडरों के संकट को लेकर मचे हाहाकार के बीच तेल कंपनियों ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर कोई संकट नहीं है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के समूह (ओएमसी) ने कहा है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराने या अतिरिक्त स्टॉक करने की जरूरत नहीं है।

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स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर (एसएलसी) संजय भंडारी के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी जंग के बावजूद प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है। सप्लाई भी नियमित रूप से जारी है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अनावश्यक घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी या बुकिंग न करें। प्रदेश में लगभग 4.85 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। अकेले लखनऊ में ही करीब 15 लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या के लिहाज से लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर और गाजियाबाद शीर्ष पांच जिलों में शामिल हैं, जहां कुल मिलाकर लगभग 65 लाख उपभोक्ता हैं।
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व्यावसायिक और औद्योगिक एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन मांग स्थिर बनी हुई है। लखनऊ में लगभग 26 व्यावसायिक और औद्योगिक एलपीजी उपभोक्ता विभिन्न ऑयल कंपनियों से जुड़े हैं। वहीं नोएडा/ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर और लखनऊ ऐसे प्रमुख शहर हैं, जहां व्यावसायिक और औद्योगिक एलपीजी की मांग सबसे अधिक है। मांग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में घरेलू एलपीजी की औसत दैनिक मांग लगभग 10 हजार मीट्रिक टन (टीएमटी) है, जबकि व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी में यह करीब 0.5 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन है।

एलपीजी सिलिंडर के 4143 डिस्ट्रीब्यूटर
प्रदेश में एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति के लिए करीब 4143 डिस्ट्रीब्यूटर काम कर रहे हैं, जिनमें से 116 डिस्ट्रीब्यूटर लखनऊ में हैं। कंपनियों का दावा है कि सभी एजेंसियों को पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जा रहा है। सिलिंडर बुकिंग को लेकर कुछ उपभोक्ताओं द्वारा आईवीआरएस फोन लाइन व्यस्त होने की शिकायतों के बीच कंपनियों ने कहा है कि उपभोक्ता एसएमएस, मिस्ड कॉल और मोबाइल एप जैसे डिजिटल माध्यमों से भी सिलिंडर बुक कर सकते हैं। ऑयल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जरूरत होने पर ही सिलिंडर की बुकिंग करें और एक साथ कई बुकिंग करने से बचें।

सीएम की जनता से अपील अफवाहों पर न दें ध्यान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस सिलिंडर की कथित किल्लत की अफवाहें फैलाकर इसकी आड़ में जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है। हर जिले में पेट्रोल डीजल की पूरी उपलब्धता के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल-डीजल व गैस आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। जिलों में अधिकारियों द्वारा पेट्रोल-डीजल फिलिंग स्टेशनों तथा गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ स्थानों से कालाबाजारी और किल्लत की बातें सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सामने आ रही हैं। ये भ्रामक हैं।

प्रशासन को ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर भी लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

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