{"_id":"63d970aa73c9a75ca94f1e91","slug":"raid-in-5-cities-of-state-including-lucknow-in-himachal-paper-leak-case-2023-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow : हिमाचल पेपर लीक मामले में लखनऊ समेत प्रदेश के 5 शहरों में सीबीआई का छापा, आरोपी का घर भी खंगाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow : हिमाचल पेपर लीक मामले में लखनऊ समेत प्रदेश के 5 शहरों में सीबीआई का छापा, आरोपी का घर भी खंगाला
Wed, 01 Feb 2023 01:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ/नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 01 Feb 2023 01:31 AM IST
विज्ञापन
demo pic...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने मंगलवार को लखनऊ समेत प्रदेश के पांच शहरों में छापामारी की। प्रशनपत्र लीक कराने के आरोपी अभिषेक सिंह के लखनऊ में एमिटी यूनिवर्सिटी के पास माधव ग्रीन सोसाइटी स्थित घर को सीबीआई ने खंगाला।
विज्ञापन
यूपी पहुंची चंडीगढ़ की टीम ने वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और अंबेडकरनगर में आरोपियों के ठिकानों से साक्ष्य जुटाए। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक इस मामले की पहले जांच कर रही हिमाचल प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने अभिषेक सिंह की पेपर लीक कराने के आरोप में मई, 2022 में लखनऊ से गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
जांच में सामने आया था कि अभिषेक तीन अभ्यर्थियों के संपर्क में था और उन्हें पेपर मुहैया कराए थे। हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई थी। इसके अलावा एसआईटी ने गाजियाबाद स्थित प्रिंटिंग प्रेस के मालिक शैलेंद्र विक्रम सिंह, वाराणसी निवासी मास्टरमाइंड शिव बहादुर और उसके साथी अखिलेश को भी गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
इसी बीच हिमाचल सरकार के अनुरोध पर जांच सीबीआई, चंडीगढ़ की स्पेशल क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। जांच एजेंसी ने मंगलवार को सात राज्यों में 50 जगहों पर एक साथ कार्रवाई की। 27 मार्च, 2022 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा के प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गए थे।
जांच में कई बिचौलियों का नेटवर्क सामने आया था। अभ्यर्थियों को लाखों रुपये में पेपर बेचने वाले गिरोह का संगठित नेटवर्क बिहार, उत्तराखंड, यूपी, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में पाया गया था।