पत्रकार राघवेंद्र हत्याकांड: शूटरों का गोपालघाट पर हुआ अंतिम संस्कार, एसओजी व एसटीएफ ने मार गिराया था
सीतापुर में 8 मार्च को पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की हत्या करने वाले शूटरों का सीतापुर में शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों मुठभेड़ में मारे गए थे।
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पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के शूटरों संजय तिवारी उर्फ अकील खान और राजू तिवारी उर्फ रिजवान का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। राजू के बेटे ने मुखाग्नि दी। इस दौरान राजू व संजय की बहन, भाई राहुल व अन्य परिचित गोपालघाट पर मौजूद रहे।
इस दौरान साथ में एसओजी, स्थानीय पुलिस व एलआईयू की टीमें भी मौजूद रहीं। बता दें कि राघवेंद्र बाजपेयी की 8 मार्च को इन्हीं शूटरों ने हेमपुर ओवरब्रिज पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। पांच माह बाद 7 अगस्त को यह एसओजी व एसटीएफ के हत्थे चढ़े। पुलिस मुठभेड़ में दोनो गम्भीर रूप से घायल हुए। अस्पताल ले जाने के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
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शूटरों की तलाश में कांवड़ियों के वेश में घूमी एसओजी
पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की आठ मार्च को हुई हत्या के मामले में पुलिस को बृहस्पतिवार को सफलता मिल गई। जेल भेजे गए तीन आरोपियों से पूछताछ में दोनों शूटरों संजय तिवारी उर्फ अकील खान और उसका छोटा भाई राजू तिवारी उर्फ रिजवान का नाम सामने आया था। करीब पांच माह की मेहनत के बाद एसओजी व एसटीएफ शूटरों की गतिविधि ट्रैक कर सकी। इस बीच एसओजी श्रावण माल में कांवड़ियों के वेश में भी घूमी।
नोएडा में शिकंजा कसते देखकर शूटर हरदोई पहुंचे
नोएडा में शिकंजा कसते देखकर शूटर संजय तिवारी और राजू तिवारी हरदोई जनपद आ गए। एसओजी के इस इनपुट के आधार पर पुलिस कांवड़ियों के वेश में शूटरों की तलाश में जुट गई। तीन हजार नंबरों को शॉर्ट लिस्ट किया गया। उन्हें सर्विलांस पर लगाया गया। इनमें से संदिग्ध 60 नंबरों की विशेष रूप से जांच की गई। इधर, एसओजी को मुखबिर से बुधवार को ही इनपुट निला कि बृहस्पतिवार को शूटर हरदोई बॉर्डर क्रॉस करेंगे। दोनों सीतापुर जनपद की सीमा में आएंगे। उनका इरादा किसी दूसरे सुरक्षित ठिकाने पर जाने का है। यहां वह कुछ वारदात भी कर सकते हैं।
...और चढ़ गए हत्थे, हो गया एनकाउंटर
एसपी अंकुर अग्रवाल ने एसओजी प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह को स्ट्राइक टीम के साथ आगे रहने का निर्देश दिया। स्ट्राइक टीमों की संख्या दो रखी गई। तीसरी टीम एएसपी उत्तरी आलोक सिंह व चौथी टीम एएसपी दक्षिणी दुर्गेश सिंह के नेतृत्व में अलर्ट की गई। एसटीएफ की पांचबी टीम भी शामिल रही। एसटीएफ को कवर करने के लिए उपनिरीक्षक दीपक तोमर के नेतृत्त्व में एक टीम लगी। एसपी अंकुर अग्ग्रवाल ने बताया कि पांचों टीमें बुधवार रात से ही अलर्ट पर रहीं।
बृहस्पतिवार को हरदोई से टीमें लगातार मूवमेंट पर नजर रख रही थीं। इसी बीच पिसावां के दूल्हापुर तिराहे के पास आरोपी ट्रेस हो गए। हालांकि उनकी पहचान उस समय क्लीयर नहीं थी। संदिग्ध मानकर उन्हें रुकने का इशारा किया गया। इसके बाद संजय व राजू ने पुलिसकर्मियों पर फायर झोंक दिए। करीब दो राउंड फायरिंग हुई। इसके बाद दोनों भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।