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सीतापुर एनकाउंटर : शूटरों की तलाश में कांवड़ियों के वेश में घूमी एसओजी टीम, नोएडा से दोनों आए थे हरदोई

Fri, 08 Aug 2025 10:36 AM IST
ishwar ashish सुधांशु सक्सेना, अमर उजाला, सीतापुर
सुधांशु सक्सेना, अमर उजाला, सीतापुर Published by: ishwar ashish Updated Fri, 08 Aug 2025 10:36 AM IST
सार

पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी के हत्यारों तक पहुंचने के लिए एसओजी व एसटीएफ की टीमों ने पांच महीने तक शूटरों का पीछा किया। दोनों शूटर नोएडा से हरदोई आए थे।

 

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Sitapur encounter: SOG team roamed around in the guise of Kanwariyas in search of shooters
मुठभेड़ के दौरान इसी बाइक से भाग रहे थे बदमाश। पास पड़ी आरोपियों की पिस्टल और कार्बाइन - फोटो : amar ujala

विस्तार

पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की आठ मार्च को हुई हत्या के मामले में आखिरकार पुलिस को सफलता मिल गई। जेल भेजे गए तीन आरोपियों से पूछताछ में दो शूटरों के नाम सामने आए थे।

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करीब पांच माह की मेहनत के बाद एसओजी व एसटीएफ शूटरों का मूवमेंट ट्रैक कर सके। एसओजी टीम सावन में कांवड़ियों के वेश में घूमी। इसी टीम ने बृहस्पतिवार भोर करीब 4:30 बजे दोनों के हरदोई से पिसावां की ओर मूवमेंट की जानकारी दी।
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पुलिस टीमों ने घेराबंदी की और मुठभेड़ में शूटरों को ढेर कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार 8 मार्च को वारदात के बाद से ही एसओजी की स्वॉट, सर्विलांस और नारकोटिक्स टीमें शूटरों की तलाश में जुट गईं। शूटरों के नोएडा के एक इलाके में होने की जानकारी मिली थी।

हत्याकांड से '8' अंक का खास नाता

Sitapur encounter: SOG team roamed around in the guise of Kanwariyas in search of shooters
पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए दोनों आरोपी। - फोटो : amar ujala

राघवेंद्र की हत्या में आठ अंक का अजब संयोग है। आठ मार्च को उनकी हत्या हुई। राघवेंद्र की हत्या से लेकर शूटरों के एनकाउंटर तक आठ ही गोलियों का इस्तेमाल हुआ। चार गोलियां राघवेंद्र को लगीं और चार ही गोलियों में दोनों शूटर भी ढेर हो गए। राघवेंद्र की बाइक का नंबर भी 8005 है। आठवें महीने में पुलिस ने आरोपियों को मार गिराया। आठ अगस्त को ही शूटरों का अंतिम संस्कार होगा।

नाजिमा से शादी कर कृष्ण गोपाल तिवारी बन गए थे करीम खान
अटवा निवासी 95 वर्षीय रामप्रसाद शुक्ला ने बताया कि शूटरों के पिता कृष्ण गोपाल तिवारी को नाजिमा से प्रेम हो गया था। नाजिमा के प्यार में पड़ कर उन्होंने अपना नाम करीम खान रख लिया था। कृष्ण गोपाल ने नाजिमा से विवाह नहीं किया था। बस दोनों साथ रहते थे। दोनों से तीन पुत्र संजय, राजू व राहुल हुए। पुत्री की मौत हो गई थी।

टीम को मिलेगा सवा लाख का इनाम

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हत्यारों के एनकाउंटर पर एसपी अंकुर अग्रवाल ने मीडिया को संबोधित किया। - फोटो : amar ujala
एसपी सीतापुर अंकुर अग्रवाल का कहना है कि एसओजी व एसटीएफ की संयुक्त टीम को अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन की ओर से 50 हजार रुपये, आईजी रेंज की ओर से 25 हजार रुपये व मेरी ओर से 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सभी को सम्मानित किया जाएगा। राघवेंद्र हत्याकांड में यह दोनों शूटर पुलिस के लिए चुनौती थे। यह पुलिस टीम के लिए बड़ी कामयाबी है।
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