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Lucknow News: कृपालु इंस्टीट्यूट के खिलाफ डीएम ने बिठाई मजिस्ट्रेटी जांच
Wed, 27 Sep 2023 01:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 27 Sep 2023 01:30 AM IST
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रायबरेली में मंगलवार को भदोखर थाना क्षेत्र के दरियापुर स्थित कृपालु इंस्टीटयूट में जांच करती पु
रायबरेली। शहर के दरियापुर स्थित कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल साइंस के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद डीएम ने मंगलवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित कमेटी को जांच के आदेश दिए। एएनएम प्रथम वर्ष की छात्राओं ने डीएम के सामने पेश होकर संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने सिंदूर, बिंदी, चूड़ी के प्रयोग पर संस्थान की ओर से रोक लगाने, गर्भवती होने पर गर्भपात कराने दबाव बनाने और जबरन नाम काटने का आरोप लगाया है। डीएम के निर्देश पर भदोखर थाने की पुलिस ने संस्थान पहुंचकर जांच की।
डीएम हर्षिता माथुर को मंगलवार को एएनएम की छात्रा अनामिका व सर्वेश कुमारी ने शिकायती पत्र देकर संस्थान के विरुद्ध कई आरोप लगाए। कहा कि संस्थान में उनके साथ बदतमीजी की गई। विरोध करने पर 20 मिनट तक खड़ा रखकर धमकाया गया। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि सिंदूर, बिंदी, चूड़ी आदि के प्रयोग पर रोक लगाई गई है। प्रेगनेंसी होने पर गर्भपात करने का दबाव बनाया गया। इंकार करने पर नाम काट दिया गया, शुल्क भी वापस नहीं किया जा रहा।
छात्राओं ने शुल्क वापस कराने की मांग करते हुए मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। डीएम के आदेश पर भदोखर थानेदार राजेश सिंह ने संस्थान पहुंचकर जांच की और कई लोगों से पूछताछ भी की। डीएम ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रिचा सिंह और एसीएमओ की जांच कमेटी भी गठित करने के आदेश दिए हैं।
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शुल्क वापसी को लेकर लगाए निराधार आरोप: मैनेजर
कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल साइंस के प्रबंधक अमित सिंह का कहना है कि एक छात्रा ने स्वयं रजिस्ट्रेशन निरस्त कराया है और दूसरे का संस्थान ने निरस्त किया है। दोनों छात्राएं शुल्क वापसी के लिए निराधार आरोप लगा रही हैं। यहां किसी के साथ कोई बदसलूकी नहीं होती और न ही किसी भी प्रकार की रोक लगाई जाती है। 75 प्रतिशत उपस्थिति का ही दबाव बनाया जाता है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल साइंस के मामले की जांच अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता की टीम को सौंपी गई है। एसीएमओ स्तर के अधिकारी को भी शामिल किया गया है। प्रथम दृष्टया जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
हर्षिता माथुर, जिलाधिकारी
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डीएम हर्षिता माथुर को मंगलवार को एएनएम की छात्रा अनामिका व सर्वेश कुमारी ने शिकायती पत्र देकर संस्थान के विरुद्ध कई आरोप लगाए। कहा कि संस्थान में उनके साथ बदतमीजी की गई। विरोध करने पर 20 मिनट तक खड़ा रखकर धमकाया गया। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि सिंदूर, बिंदी, चूड़ी आदि के प्रयोग पर रोक लगाई गई है। प्रेगनेंसी होने पर गर्भपात करने का दबाव बनाया गया। इंकार करने पर नाम काट दिया गया, शुल्क भी वापस नहीं किया जा रहा।
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छात्राओं ने शुल्क वापस कराने की मांग करते हुए मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। डीएम के आदेश पर भदोखर थानेदार राजेश सिंह ने संस्थान पहुंचकर जांच की और कई लोगों से पूछताछ भी की। डीएम ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रिचा सिंह और एसीएमओ की जांच कमेटी भी गठित करने के आदेश दिए हैं।
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शुल्क वापसी को लेकर लगाए निराधार आरोप: मैनेजर
कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल साइंस के प्रबंधक अमित सिंह का कहना है कि एक छात्रा ने स्वयं रजिस्ट्रेशन निरस्त कराया है और दूसरे का संस्थान ने निरस्त किया है। दोनों छात्राएं शुल्क वापसी के लिए निराधार आरोप लगा रही हैं। यहां किसी के साथ कोई बदसलूकी नहीं होती और न ही किसी भी प्रकार की रोक लगाई जाती है। 75 प्रतिशत उपस्थिति का ही दबाव बनाया जाता है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल साइंस के मामले की जांच अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता की टीम को सौंपी गई है। एसीएमओ स्तर के अधिकारी को भी शामिल किया गया है। प्रथम दृष्टया जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
हर्षिता माथुर, जिलाधिकारी