यूपी: मायावती बोलीं- भाई आनंद कुमार के बेटे नहीं, बेटी बसपा के मिशन को आगे बढ़ाएगी; फेक न्यूज से आप लोग बचें
मायावती ने कहा कि बसपा में नई पीढ़ी और युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाई आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनकी बेटी दीपिका आनंद भविष्य में मदद कर सकती हैं। मायावती ने फेक न्यूज से सावधान रहने की अपील की।
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पार्टी संगठन और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में युवाओं, विशेषकर जेन-जी और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया लंबे समय से जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों में भी सर्वसमाज के कर्मठ, योग्य और युवा प्रतिभाओं को उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
मायावती ने कहा कि इसका उद्देश्य नई पीढ़ी के माध्यम से देश में अंबेडकरवादी राजनीति और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने भारतीय संविधान के मानवतावादी, समतामूलक और धर्मनिरपेक्ष उद्देश्यों को जमीन पर लागू करने पर जोर दिया। साथ ही, उत्तर प्रदेश में बसपा की पूर्व सरकारों को कानून-व्यवस्था, जनहित, जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में बेहतर सरकार बताया।
1. वैसे तो बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) द्वारा पूरे देश भर में व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया काफी लम्बे समय से जारी है, किन्तु अब यूपी, उत्तराखण्ड एवं पंजाब…
— Mayawati (@Mayawati) September 12, 2026
1. वैसे तो बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) द्वारा पूरे देश भर में व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया काफी लम्बे समय से जारी है, किन्तु अब यूपी, उत्तराखण्ड एवं पंजाब…
— Mayawati (@Mayawati) September 12, 2026मजबूरी में पलायन भी काफी हद तक रुका
उन्होंने कहा कि बसपा शासन के दौरान सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शहरी-ग्रामीण विकास के साथ स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, छात्रावास, प्रशिक्षण केंद्र और पार्क आदि के निर्माण पर काम किया गया। मायावती ने दावा किया कि इन प्रयासों से लोगों का मजबूरी में पलायन भी काफी हद तक रुका।
बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार चयन में सर्वसमाज के अच्छे लोगों के साथ युवा महिला और पुरुषों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने परिवारवाद के मुद्दे पर भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके परिवार के किसी सदस्य को राजनीतिक लाभ दिलाने की नीति नहीं रही है।
मायावती ने अपने छोटे भाई आनंद कुमार को लेकर कहा कि वे लंबे समय से उनकी देखभाल के साथ पार्टी की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आनंद कुमार के बेटों को बसपा में किसी छोटे-बड़े पद पर राजनीति करने का अवसर नहीं दिया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर उनकी बेटी कुमारी दीपिका आनंद, जो वकालत की पढ़ाई कर रही हैं, भविष्य में उनकी मदद कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह तैयार नहीं होती हैं तो पार्टी की सहमति से किसी मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
कथित प्रचार से सावधान रहने की अपील की
मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं को विरोधी दलों और जातिवादी मीडिया-सोशल मीडिया के कथित प्रचार से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित लोगों की बसपा में वापसी की खबरें पूरी तरह गलत और फेक न्यूज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों को पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।