फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Cyber fraud: Helpline service proving to be helpful, fraud complaint of Rs 24 crore since May

साइबर ठगी : मददगार साबित हो रही हेल्पलाइन सर्विस, मई से अब तक 24 करोड़ रुपये की ठगी शिकायत

Tue, 07 Sep 2021 10:20 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 07 Sep 2021 10:20 AM IST
सार

साइबर फ्राड रोकने और साइबर ठगी का शिकार लोगों की मदद के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन सर्विस 155260 काफी कारगर साबित हो रही है। मई महीने में शुरू हुई इस हेल्पलाइन नंबर पर 7193 शिकायतें आ चुकी हैं।

विज्ञापन
Cyber fraud: Helpline service proving to be helpful, fraud complaint of Rs 24 crore since May
डेमो - फोटो : डेमो

विस्तार

साइबर फ्राड रोकने और साइबर ठगी का शिकार लोगों की मदद के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन सर्विस 155260 काफी कारगर साबित हो रही है। मई महीने में शुरू हुई इस हेल्पलाइन नंबर पर 7193 शिकायतें आ चुकी हैं। इस दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक रकम को खातों में ही सीज करा दिया गया है, जो पीड़ितों को मिलेगी।    

विज्ञापन


एडीजी साइबर क्राइम राम कुमार ने बताया कि साइबर फ्राड की शिकायत दर्ज कराने के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन सर्विस केंद्र में पहले से चल रही थी। यूपी में इसकी शुरुआत 13 मई को हुई। अब तक सात हजार से अधिक शिकायतें 155260 पर आ चुकी हैं। इसमें 1927 शिकायतें ऐसी हैं जो फ्राड होने के 24 घंटे के अंदर दर्ज कराई गई है। बाकी शिकायतें फ्राड होने के 24 घंटे बाद दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन


राम कुमार ने बताया कि अब तक 24 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की शिकायतें मिली हैं। इसमें से ठगी करके विभिन्न खातों में ली गई एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम को फ्रीज करा दिया गया है। यह रकम वापस उन्हीं लोगों को दी जाएगी जिनके साथ ठगी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैसे काम करती है साइबर फ्राड हेल्पलाइन सेवा 155260
साइबर फ्राड हेल्पलाइन सेवा यानी 155260 सीधे यूपी 112 से जुड़ी हुई है। आनलाइन फ्राड होने के 24 घंटे के अंदर काल अगर इस नंबर पर की जाती है तो ठगी का शिकार हुए व्यक्ति का पैसा वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है। इस नंबर पर शिकायत आते ही उसे साफ्टवेयर के जरिए बैंक को तत्काल फारवर्ड कर दिया जाता है।


बैंक संबंधित खाते से जिन खातों में रकम ट्रासफर हुई होती है उसे स्कैन कर लेता है और एक मैसेज उस बैंक को भी भेज देता है। अगर खाते से पैसे निकाले नहीं गए हैं तो उन पैसों को बैंक तत्काल फ्रीज कर देता है। उसके बाद पीड़ित को सूचना दी जाती है। पीड़ित से निरस्त चेक की कॉपी ली जाती है और कागजी कार्रवाई पूरी करके ठगी की रकम पीड़ित को लौटा दी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed