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आर संस व शाइन सिटी लोगों का पैसा लौटाने को तैयार
Tue, 30 Apr 2019 01:31 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Tue, 30 Apr 2019 01:31 AM IST
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करोड़ों रुपये की संगठित लूट के बाद लोगों की गाढ़ी कमाई लौटाने या प्रोजेक्ट पूरा कर कब्जा देने में आनाकानी कर रहे बिल्डर आरसंस इंफ्रा और शाइन सिटी रेरा की सख्ती के बाद लोगों का पैसा लौटाने को तैयार हो गए हैं।
वहीं जिन प्रोजेक्टों को पूरा किया जाना संभव है, उनके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर रेरा को देने की सहमति जताई है। बिल्डर अपने पूरे होने वाले प्रोेजेक्टों का आकलन कर उनका पंजीकरण भी रेरा में कराएंगे, जिससे कि उनकी निगरानी हो सके।
रेरा सचिव अबरार अहमद की निगरानी में हुई जांच की रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को खुद चेयरमैन राजीव कुमार ने बिल्डरों के खिलाफ आई हुईं शिकायतों पर सुनवाई की। सुनवाई में बिल्डरों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
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रेरा के सामने शिकायतकर्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके खरीदे गए भूखंडों पर कब्जा नहीं दिया जा रहा है। कई शिकायतें तो ऐसी थीं, जिनमें बताया गया कि पैसा लेने के बाद बिल्डर प्रोजेक्ट पर काम ही बंद कर चुका है। खरीदारों को बताया जाता है कि अब यह प्रोजेक्ट रोक दिया गया है।
शाइन सिटी को दो सप्ताह का समय
चेयरमैन राजीव कुमार ने बताया कि शाइन सिटी बिल्डर का कहना है कि उनके नौ प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत हैं। बाकी जो भी प्रोजेक्ट हम पूरे करने की स्थिति में हैं, उनका भी पंजीकरण करा लिया जाएगा। बिल्डर को रेरा के नियमों के मुताबिक जरूरी अनुमोदन और स्वीकृति उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। बिल्डर ने लोगों का पैसा भी वापस करने की इच्छा जताई है। समयबद्ध तरीके से भूखंडों पर कब्जा देने के लिए अब बिल्डर अपनी कार्ययोजना देगा। इसके लिए खुद ही बिल्डर ने दो सप्ताह का समय मांगा है। विस्तृत कार्ययोजना मिलने के बाद ही अंतिम आदेश अब रेरा जारी करेगा।
आरसंस को मिला एक सप्ताह का समय
आवंटियों को राहत दिलाने के लिए रेरा ने अपने अंतिम आदेश को आरसंस बिल्डर की मांग पर एक सप्ताह के लिए टाल दिया है। चेयरमैन राजीव कुमार ने बताया कि बिल्डर अब एक सप्ताह में अपने प्रोजेक्टों के रेरा में पंजीकरण कराने के साथ आगे काम करने की योजना बनाकर देगा। इसके आकलन के बाद रेरा देखेगा कि बिल्डर पर क्या कार्रवाई की जाए।
एसआईटी जांच की सिफारिश हो चुकी
आरसंस बिल्डर पर सचिव रेरा अबरार अहमद ने फ्रॉड पाए जाने और आर्थिक अनियमितता की वजह से गृह विभाग की एसआईटी से जांच कराने की सिफारिश की हुई है। वहीं शाइन सिटी के प्रोजेक्टों के लिए जरूरी स्वीकृति या भूमि का स्वामित्व नहीं होने के चलते पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई करने की संस्तुति रेरा सचिव ने चेयरमैन को की है। इसी पर चेयरमैन को अब फैसला लेना है।
पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है
शाइन सिटी के चेयरमैन राशिद नसीम ने बताया कि हम अपने प्रोजेक्ट्स का रेरा के पंजीकरण करा रहे हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है। लेआउट भी एलडीए और जिला पंचायत से जल्दी ही पास हो जाएंगे। हम आवंटियों से किये वादे पूरे करने को प्रतिबद्ध हैं। अगर किसी को रिफंड चाहिए तो हम उसके लिए भी तैयार हैं और हमारे यहां अलग से रिफंड काउंटर बना हुआ है।
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वहीं जिन प्रोजेक्टों को पूरा किया जाना संभव है, उनके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर रेरा को देने की सहमति जताई है। बिल्डर अपने पूरे होने वाले प्रोेजेक्टों का आकलन कर उनका पंजीकरण भी रेरा में कराएंगे, जिससे कि उनकी निगरानी हो सके।
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रेरा सचिव अबरार अहमद की निगरानी में हुई जांच की रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को खुद चेयरमैन राजीव कुमार ने बिल्डरों के खिलाफ आई हुईं शिकायतों पर सुनवाई की। सुनवाई में बिल्डरों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
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रेरा के सामने शिकायतकर्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके खरीदे गए भूखंडों पर कब्जा नहीं दिया जा रहा है। कई शिकायतें तो ऐसी थीं, जिनमें बताया गया कि पैसा लेने के बाद बिल्डर प्रोजेक्ट पर काम ही बंद कर चुका है। खरीदारों को बताया जाता है कि अब यह प्रोजेक्ट रोक दिया गया है।
शाइन सिटी को दो सप्ताह का समय
चेयरमैन राजीव कुमार ने बताया कि शाइन सिटी बिल्डर का कहना है कि उनके नौ प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत हैं। बाकी जो भी प्रोजेक्ट हम पूरे करने की स्थिति में हैं, उनका भी पंजीकरण करा लिया जाएगा। बिल्डर को रेरा के नियमों के मुताबिक जरूरी अनुमोदन और स्वीकृति उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। बिल्डर ने लोगों का पैसा भी वापस करने की इच्छा जताई है। समयबद्ध तरीके से भूखंडों पर कब्जा देने के लिए अब बिल्डर अपनी कार्ययोजना देगा। इसके लिए खुद ही बिल्डर ने दो सप्ताह का समय मांगा है। विस्तृत कार्ययोजना मिलने के बाद ही अंतिम आदेश अब रेरा जारी करेगा।
आरसंस को मिला एक सप्ताह का समय
आवंटियों को राहत दिलाने के लिए रेरा ने अपने अंतिम आदेश को आरसंस बिल्डर की मांग पर एक सप्ताह के लिए टाल दिया है। चेयरमैन राजीव कुमार ने बताया कि बिल्डर अब एक सप्ताह में अपने प्रोजेक्टों के रेरा में पंजीकरण कराने के साथ आगे काम करने की योजना बनाकर देगा। इसके आकलन के बाद रेरा देखेगा कि बिल्डर पर क्या कार्रवाई की जाए।
एसआईटी जांच की सिफारिश हो चुकी
आरसंस बिल्डर पर सचिव रेरा अबरार अहमद ने फ्रॉड पाए जाने और आर्थिक अनियमितता की वजह से गृह विभाग की एसआईटी से जांच कराने की सिफारिश की हुई है। वहीं शाइन सिटी के प्रोजेक्टों के लिए जरूरी स्वीकृति या भूमि का स्वामित्व नहीं होने के चलते पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई करने की संस्तुति रेरा सचिव ने चेयरमैन को की है। इसी पर चेयरमैन को अब फैसला लेना है।
पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है
शाइन सिटी के चेयरमैन राशिद नसीम ने बताया कि हम अपने प्रोजेक्ट्स का रेरा के पंजीकरण करा रहे हैं। इसकी प्रक्रिया चल रही है। लेआउट भी एलडीए और जिला पंचायत से जल्दी ही पास हो जाएंगे। हम आवंटियों से किये वादे पूरे करने को प्रतिबद्ध हैं। अगर किसी को रिफंड चाहिए तो हम उसके लिए भी तैयार हैं और हमारे यहां अलग से रिफंड काउंटर बना हुआ है।