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बाइक किराए पर लगाने का झांसा दे लाखों रुपये ठगे
Thu, 07 Mar 2019 02:08 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Thu, 07 Mar 2019 02:08 AM IST
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जख्मी युवक
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी के विभूतिखंड थानाक्षेत्र के लेवाना साइबर हाइट्स स्थित हेलो राइड कंपनी के संचालकों पर बाइक किराए पर लगाने का झांसा देकर लोगों के लाखों रुपये ठगने, मारपीट व लूटपाट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया है।
प्रभारी निरीक्षक राजीव द्विवेदी ने बताया कि कंपनी ने लोगों से रुपये लेकर बाइक खरीदने और उसे किराये पर चलाकर हर महीने 9585 रुपये कमाने का झांसा देकर रुपया वसूला है। केस दर्ज कर जांच की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हेलो राइड कंपनी कौशांबी के अभय कुशवाहा की बताई जा रही है।
बाराबंकी के रामनगर सुठियामऊ निवासी अरुण कुमार वर्मा, अजीमुद्दीन और दिलीप कुमार नाग समेत करीब 50 लोगों ने छह महीने पहले मुनाफे के लालच में कंपनी में निवेश किया था। अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि कंपनी संचालक अभय कुशवाहा, निदेशक नीलम वर्मा, राजेश पांडेय व अन्य अधिकारियों ने उनसे एकमुश्त 61 हजार रुपये लेकर बाइक खरीदने की बात कही थी।
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उनका कहना था कि बाइक किराए पर चलाई जाएगी। उससे जो कमाई होगी, उसमें से कंपनी अपना हिस्सा निकालकर शेष रकम हर महीने निवेशकों को दी जाएगी। उनका कहना था कि बाइक का चालक, ईंधन और मेंटेनेंस का सारा खर्च कंपनी वहन करेगी और प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने 9585 रुपये देगी।
अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि कंपनी के आकर्षक ऑफर में फंसकर उन्होंने कंपनी में उन्होंने चार बाइक की रकम के रूप में 2.44 लाख रुपये और दिलीप कुमार नाग ने तीन बाइक के बदले 1.83 लाख रुपये निवेश कर दिए। कंपनी संचालकों ने उक्त निवेश का एग्रीमेंट भी किया था।
साथ ही बाराबंकी के राममूरत, दीपक चंद्रा, प्रवेश कुमार, मो. इरफान, मो. इरशाद, अभिलाष जैन, अली हसन सिद्दीकी, अनुज कुमार वर्मा, मतीउर्रहमान, धीरज कुमार चौबे, अब्दुल्ला, शमशुन्निशा, हसीबुन्निशा, अमर कुमार मौर्या, अमित अवस्थी, अर्चना पांडे, अफजल अहमद, शिवम मिश्रा, रजनीश शर्मा, आरती शुक्ला, लक्ष्मण प्रसाद, अली हसन सिद्दीकी और विजय कुमार ने मिलकर करीब 24 लाख रुपये कंपनी में निवेश किए।
हालांकि, एक-दो लोगों को छोड़कर किसी को प्रति महीने मिलने वाली रकम नहीं दी गई। अरुण ने बताया कि वह अन्य निवेशकों के साथ मंगलवार शाम करीब छह बजे कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो मारपीटकर भगा दिया गया। उन्होंने कंपनी के कर्मचारी गौरव वर्मा, नावेद व दो अज्ञात लोगों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया है।
पीड़ित ने बताया कि उक्त लोगों ने कंपनी के ऑफिस से बाहर निकलते ही मारपीट की और सोने की चेन छीन ली। उन्होंने कहा कि कंपनी के ऑफिस और अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में मारपीट और लूटपाट की फुटेज देखी जा सकती है।
प्रदेशभर में एजेंट के जरिए निवेशकों से संपर्क कर वसूले करोड़ों रुपये
पीड़ितों ने बताया कि कंपनी संचालकों ने अपने एजेंट के जरिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बाइक राइड के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले हैं। कंपनी ने अपना कॉरपोरेट कार्यालय विभूतिखंड में बताया है तो दिल्ली एनसीआर ऑफिस नोएडा के सेक्टर-63 में बता रही है। नोएडा में भी कंपनी ने सैकड़ों लोगों से बाइक राइड में निवेश के नाम पर ठगी की है। पीड़ितों ने अब तक 2000 से अधिक लोगों को ठगने की बात कही है।
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प्रभारी निरीक्षक राजीव द्विवेदी ने बताया कि कंपनी ने लोगों से रुपये लेकर बाइक खरीदने और उसे किराये पर चलाकर हर महीने 9585 रुपये कमाने का झांसा देकर रुपया वसूला है। केस दर्ज कर जांच की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हेलो राइड कंपनी कौशांबी के अभय कुशवाहा की बताई जा रही है।
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बाराबंकी के रामनगर सुठियामऊ निवासी अरुण कुमार वर्मा, अजीमुद्दीन और दिलीप कुमार नाग समेत करीब 50 लोगों ने छह महीने पहले मुनाफे के लालच में कंपनी में निवेश किया था। अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि कंपनी संचालक अभय कुशवाहा, निदेशक नीलम वर्मा, राजेश पांडेय व अन्य अधिकारियों ने उनसे एकमुश्त 61 हजार रुपये लेकर बाइक खरीदने की बात कही थी।
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उनका कहना था कि बाइक किराए पर चलाई जाएगी। उससे जो कमाई होगी, उसमें से कंपनी अपना हिस्सा निकालकर शेष रकम हर महीने निवेशकों को दी जाएगी। उनका कहना था कि बाइक का चालक, ईंधन और मेंटेनेंस का सारा खर्च कंपनी वहन करेगी और प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने 9585 रुपये देगी।
अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि कंपनी के आकर्षक ऑफर में फंसकर उन्होंने कंपनी में उन्होंने चार बाइक की रकम के रूप में 2.44 लाख रुपये और दिलीप कुमार नाग ने तीन बाइक के बदले 1.83 लाख रुपये निवेश कर दिए। कंपनी संचालकों ने उक्त निवेश का एग्रीमेंट भी किया था।
साथ ही बाराबंकी के राममूरत, दीपक चंद्रा, प्रवेश कुमार, मो. इरफान, मो. इरशाद, अभिलाष जैन, अली हसन सिद्दीकी, अनुज कुमार वर्मा, मतीउर्रहमान, धीरज कुमार चौबे, अब्दुल्ला, शमशुन्निशा, हसीबुन्निशा, अमर कुमार मौर्या, अमित अवस्थी, अर्चना पांडे, अफजल अहमद, शिवम मिश्रा, रजनीश शर्मा, आरती शुक्ला, लक्ष्मण प्रसाद, अली हसन सिद्दीकी और विजय कुमार ने मिलकर करीब 24 लाख रुपये कंपनी में निवेश किए।
हालांकि, एक-दो लोगों को छोड़कर किसी को प्रति महीने मिलने वाली रकम नहीं दी गई। अरुण ने बताया कि वह अन्य निवेशकों के साथ मंगलवार शाम करीब छह बजे कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो मारपीटकर भगा दिया गया। उन्होंने कंपनी के कर्मचारी गौरव वर्मा, नावेद व दो अज्ञात लोगों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया है।
पीड़ित ने बताया कि उक्त लोगों ने कंपनी के ऑफिस से बाहर निकलते ही मारपीट की और सोने की चेन छीन ली। उन्होंने कहा कि कंपनी के ऑफिस और अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में मारपीट और लूटपाट की फुटेज देखी जा सकती है।
प्रदेशभर में एजेंट के जरिए निवेशकों से संपर्क कर वसूले करोड़ों रुपये
पीड़ितों ने बताया कि कंपनी संचालकों ने अपने एजेंट के जरिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बाइक राइड के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले हैं। कंपनी ने अपना कॉरपोरेट कार्यालय विभूतिखंड में बताया है तो दिल्ली एनसीआर ऑफिस नोएडा के सेक्टर-63 में बता रही है। नोएडा में भी कंपनी ने सैकड़ों लोगों से बाइक राइड में निवेश के नाम पर ठगी की है। पीड़ितों ने अब तक 2000 से अधिक लोगों को ठगने की बात कही है।