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दौलत की हवस में बेटे ने पिता को चाकू से गोद डाला

Mon, 22 Jun 2015 02:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Mon, 22 Jun 2015 02:45 AM IST
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A son killed his father for money.

फादर्स डे पर जहां लोग अपने पिता को गिफ्ट देकर सरप्राइज की तैयारी कर रहे थे, वहीं पीजीआई क्षेत्र में दौलत के लालच में अंधे हुए एक बेटे ने चाकू से गोदकर अपने 80 साल के पिता की हत्या कर दी। रानीखेड़ा गांव निवासी विजय ने शनिवार देर रात घर के बाहर सो रहे पिता अयोध्या प्रसाद का मुंह दबाकर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और फरार हो गया।

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लहूलुहान अयोध्या प्रसाद की चीख सुनकर परिवार के सदस्य जागे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस अयोध्या प्रसाद को ट्रॉमा सेंटर लेकर भागी, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। विजय के बड़े भाई बंसीलाल ने उसके खिलाफ पिता की हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीजीआई पुलिस ने विजय को गिरफ्तार कर लिया है।
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एसओ अरविंद पांडेय ने बताया कि अयोध्या प्रसाद के दो बेटे बंसीलाल और विजय हैं। दोनों खेती करते हैं। अयोंध्या प्रसाद पहले गांव में विजय के साथ रहते थे, लेकिन उसकी हरकतों के चलते कुछ महीनों से बंसीलाल के घर पर रह रहे थे। एसओ ने बताया कि शनिवार रात करीब एक बजे विजय चाकू लेकर आया और सोते वक्त अयोध्या पर हमला कर दिया।

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पिता के हिस्से की रकम पर थी नजर

A son killed his father for money.

बंसीलाल ने बताया कि पिता ने चार साल पहले अपनी पौने चार बीघा जमीन 81 लाख रुपये में बेची थी। दोनों बेटों को उन्होंने 36-36 लाख रुपये दिए और नौ लाख रुपये खुद रख लिए।

यह रकम बैंक में जमा करने के लिए अयोध्या ने बेटे विजय से खाता खुलवाने के लिए कहा। बकौल बंसीलाल, पिता को साथ लेकर विजय बैंक गया और उनकी जानकारी के बगैर संयुक्त खाता खुलवा लिया।

धीरे-धीरे उसने पिता के खाते से सात लाख रुपये निकालकर अपने अकाउंट में जमा करा लिए। इसका पता चलने पर अयोध्या ने अपनी रकम मांगी। इस पर दोनों में विवाद शुरू हो गया। विजय ने 15 जुलाई को एफडी पूरी होने पर रुपये लौटाने की बात कही।

साल भर पहले भी चलाई थी कुल्हाड़ी

A son killed his father for money.

विजय ने एक साल पहले भी पिता पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। अयोध्या प्रसाद ने पीजीआई थाना में इसकी शिकायत की, लेकिन पुलिस ने मामला रफादफा करा दिया था। परिवारीजनों का कहना है कि अयोध्या के रकम लौटाने के दबाव से बौखलाकर विजय ने उन पर हमला कर दिया। बंसीलाल का कहना है कि अगर पीजीआई पुलिस उस वक्त कार्रवाई कर देती तो शायद पिता उसके साथ होते।

चीख-पुकार के बाद भी विजय के न अपने पर हुआ शक
बंसीलाल ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे जब पिता की चीखें सुनकर वह पत्नी के साथ बाहर आया तो नजारा देखकर होश उड़ गए। उसने शोर मचाकर गांव के लोगों को एकत्र कर लिया। हालांकि, पड़ोस में ही रहने वाला विजय तब भी नहीं आया। उसके बाहर न निकलने से शक हुआ। पुलिस विजय के घर पहुंची तो वहां एक देसी तमंचा मिला है।

छाती पर मिले चाकू के आठ घाव
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अयोध्या प्रसाद की छाती पर चाकू के आठ घाव मिले हैं। बंसीलाल का कहना है कि विजय सोते वक्त पिता की छाती पर चढ़ गया और मुंह दबाकर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। हालांकि, पुलिस हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद नहीं कर सकी है।

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