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सुल्तानपुर के कप्तान अनुराग वत्स को हाईकोर्ट से राहत
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पुलिस कप्तान अनुराग वत्स को राहत
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स को राहत दी है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने वत्स के खिलाफ निचली अदालत में दर्ज आपराधिक मामले की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए अगली सुनवाई की तिथि 10 जुलाई नियत की है।
अनुराग वत्स की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने दलील दी कि निचली अदालत का आदेश कानून की मंशा के अनुरूप नहीं है और इसमें त्रुटियां हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि तथ्यों व कानूनी प्रावधानों के तहत सत्र न्यायालय द्वारा पुलिस अधीक्षक वत्स के विरुद्ध लंबित आपराधिक वाद पोषणीय नहीं है।
शाही ने बताया कि सुल्तानपुर में अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में पुलिस के एक वाहन से दुर्घटना होने के मामले में मोटर वाहन दुर्घटना दावा दाखिल हुआ था। इस मामले में 6 अप्रैल 2019 को पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने अदालत में दावे की रकम दो लाख 80 हजार रुपये का ड्राफ्ट लगाया था।
साथ ही एक दरख्वास्त लगाते हुए अदालत से गुजारिश की थी कि चूंकि भुगतान किया जा रहा है, लिहाजा इस मामले को समाप्त किया जाए।
इस पर अदालत ने दुर्घटना दावा वाद तो समाप्त कर दिया था, पर बाद में वत्स के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 350 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी थी। वत्स ने निचली अदालत के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स को राहत दी है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने वत्स के खिलाफ निचली अदालत में दर्ज आपराधिक मामले की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए अगली सुनवाई की तिथि 10 जुलाई नियत की है।
अनुराग वत्स की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने दलील दी कि निचली अदालत का आदेश कानून की मंशा के अनुरूप नहीं है और इसमें त्रुटियां हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि तथ्यों व कानूनी प्रावधानों के तहत सत्र न्यायालय द्वारा पुलिस अधीक्षक वत्स के विरुद्ध लंबित आपराधिक वाद पोषणीय नहीं है।
शाही ने बताया कि सुल्तानपुर में अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में पुलिस के एक वाहन से दुर्घटना होने के मामले में मोटर वाहन दुर्घटना दावा दाखिल हुआ था। इस मामले में 6 अप्रैल 2019 को पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने अदालत में दावे की रकम दो लाख 80 हजार रुपये का ड्राफ्ट लगाया था।
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साथ ही एक दरख्वास्त लगाते हुए अदालत से गुजारिश की थी कि चूंकि भुगतान किया जा रहा है, लिहाजा इस मामले को समाप्त किया जाए।
इस पर अदालत ने दुर्घटना दावा वाद तो समाप्त कर दिया था, पर बाद में वत्स के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 350 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी थी। वत्स ने निचली अदालत के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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