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वन विभाग किसानों पर दर्ज कराएगा केस

Tue, 12 Sep 2017 10:47 PM IST
Updated Tue, 12 Sep 2017 10:47 PM IST
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वन विभाग किसानों पर दर्ज कराएगा केस
बिछिया (बरहाइच)। कतर्नियाघाट रेंज के पश्चिमी आउटर सिग्नल के पास तीन दिन पहले ट्रेन से कटकर 11 वध प्रतिबंधित मवेशियों की मौत हो गई थी। वन विभाग जंगल में मवेशियों के पहुंचने पर ग्रामीणों को दोषी मान रहा है।
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वन विभाग के मुताबिक प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद ग्रामीण मवेशियों को लेकर जंगल में आए। इससे सेंक्चुरी क्षेत्र प्रभावित हुआ। वन क्षेत्राधिकारी ने इस मामले में रेंज केस दर्ज करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज से होकर रेल ट्रैक गुजरा है। बिछिया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर सिग्नल के पास रविवार देर शाम रेल ट्रैक पर 11 वध प्रतिबंधित मवेशियों के ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी।
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इनमें एक राजकीय गोशाला की मवेशी थी। जिन मवेशियों की मौत हुई, उनमें भवनियापुर गांव निवासी झगरू व पांचू का एक-एक बैल, लाल मोहम्मद व पलटू की एक-एक गाय व सुकई, लक्ष्मी प्रसाद और भोले की दो-दो गाय शामिल थीं।

बड़े पैमाने पर मवेशियों की रेल ट्रैक पर हुई मौत के बाद हड़कंप मचा था। जेसीबी द्वारा रेलवे ट्रैक से इन्हें हटाया गया। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें दफनाया गया। इस मामले में रेलवे ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। लेकिन वन विभाग कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।

कतर्नियाघाट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि जो मवेशी रेल ट्रैक पर कटे हैं। उनके मालिकों की सूची तैयार की गई है। सात ग्रामीणों के नाम सामने आए हैं।

सेंक्चुरी क्षेत्र में पालतू पशुओं को लाना प्रतिबंधित है। इस मामले में शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। संस्तुति मिलने के बाद रेंज केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई बचाएंगे, लेकिन नहीं मिलेगा मुआवजा
संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश करना अपराध है। इसके बावजूद भवनियापुर गांव के ग्रामीणों के मवेशी सेंक्चुरी क्षेत्र में पहुंचे। ऐसे में ग्रामीण हादसे के स्वयं जिम्मेदार हैं।


उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिलेगा। मानवता के नाते ग्रामीणों को वन विभाग की कार्रवाई से बचाया जाएगा। लेकिन आगे से गलती न हो, इसका संकल्प पत्र भी लिया जाएगा।
-कुंवर वीरेंद्र मौर्य, उप जिलाधिकारी मोतीपुर
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