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आयकर विभाग के मुखबिर ने बनाया डकैती का प्लान, 10 गिरफ्तार
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sat, 04 Feb 2017 09:22 PM IST
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बदमाशों को गिरफ्तार कर डकैती को किया नाकाम
- फोटो : amar ujala
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सटीक सूचना पर एसटीएफ ने शुक्रवार को वरदान खंड में पार्क से दस बदमाशों को गिरफ्तार कर गोमती नगर में दवा व्यापारी के घर पड़ने वाली डकैती को नाकाम कर दिया।
आरोपियों की निशानदेही पर तीन तमंचा, सात कारतूस, पांच चाकू, दो देसी बम और चार बाइक बरामद की हैं। सरगना धीरेंद्र दूबे कभी इंकम टैक्स डिपार्टमेंट का मुखबिर था।
सरगना ने आयकर विभाग की टीम बनकर व्यापारी के यहां छापा मारकर डकैती की साजिश रची थी। इसके लिए उसने व्यापारी दिवाकर सिंह के घर की 15 दिन में छह बार रेकी की थी।
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अपर पुलिस अधीक्षक शहाब रशीद खां ने बताया कि वरदान खंड में दवा व्यवसायी दिवाकर सिंह का आलीशान मकान है। यहां भवन निर्माण के दौरान काम काम कर रहे मजदूर सरोज पंडित ने व्यापारी के यहां मोटा माल होने की बात अपने मित्र धीरेंद्र दुबे को बताई।
इसके बाद धीरेंद्र ने अपने साथी बदमाशों संग डकैती डालने का फूलप्रूफ प्लान बनाया। रेकी कर घर में कौन-कौन रहता है, कौन कब आता है, कितने पालतू कुत्ते हैं, कैश कब आता है, भुगतान कब होता है।
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आरोपियों की निशानदेही पर तीन तमंचा, सात कारतूस, पांच चाकू, दो देसी बम और चार बाइक बरामद की हैं। सरगना धीरेंद्र दूबे कभी इंकम टैक्स डिपार्टमेंट का मुखबिर था।
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सरगना ने आयकर विभाग की टीम बनकर व्यापारी के यहां छापा मारकर डकैती की साजिश रची थी। इसके लिए उसने व्यापारी दिवाकर सिंह के घर की 15 दिन में छह बार रेकी की थी।
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अपर पुलिस अधीक्षक शहाब रशीद खां ने बताया कि वरदान खंड में दवा व्यवसायी दिवाकर सिंह का आलीशान मकान है। यहां भवन निर्माण के दौरान काम काम कर रहे मजदूर सरोज पंडित ने व्यापारी के यहां मोटा माल होने की बात अपने मित्र धीरेंद्र दुबे को बताई।
इसके बाद धीरेंद्र ने अपने साथी बदमाशों संग डकैती डालने का फूलप्रूफ प्लान बनाया। रेकी कर घर में कौन-कौन रहता है, कौन कब आता है, कितने पालतू कुत्ते हैं, कैश कब आता है, भुगतान कब होता है।
जानकारी हासिल करने के बाद धीरेंद्र ने आयकर अधिकारी बनकर व्यवसायी के घर में घुसने का प्लान बनाया। लेकिन इससे पहले एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए।
व्यापारी के घर में हैं 20 करोड़ कैश
व्यापारी का आलीशान मकान
- फोटो : amar ujala
धीरेंद्र ने कुबूला कि दवा व्यापारी के घर पर 20 करोड़ कैश है। इसके बाद सरगना ने डकैती की साजिश रची। एसटीएफ ने जिन बदमाशों को गिरफ्तार किया है उनमें धीरेंद्र दुबे के अलावा हसनगंज, खदरा निवासी मोहम्मद तालहा,
खरगापुर निवासी सरोज पण्डित, महेंद्र शर्मा, सिद्धार्थ नगर निवासी सैयद शाद अली, अमीनाबाद निवासी हुसैन जमाल, वजीरगंज निवासी सिराज, मोहम्मद खुर्शीद अशरफ , कैसरबाग निवासी अब्दुल रहमान और वजीरगंज का रहने वाला मनोज उर्फ मोनू शामिल है।
सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद कमीशन लेकर नोट बदलने के गोरखपुर के एक कारोबारी की सूचना धीरेंद्र ने आयकर विभाग को दी। आयकर अधिकारी ने एक मंत्री का निजी सचिव बनकर कारोबारी को गोखपुर से लखनऊ बुलाया और 17.74 लाख रुपये पकड़े। सभी नोट 100 के थे। इसके बदले आयकर विभाग ने उसे 25 हजार रुपये दिए। धीरेंद्र ने आयकर विभाग को और सूचनाएं दीं लेकिन, उनमें बरामदगी नहीं हो पाई।
खरगापुर निवासी सरोज पण्डित, महेंद्र शर्मा, सिद्धार्थ नगर निवासी सैयद शाद अली, अमीनाबाद निवासी हुसैन जमाल, वजीरगंज निवासी सिराज, मोहम्मद खुर्शीद अशरफ , कैसरबाग निवासी अब्दुल रहमान और वजीरगंज का रहने वाला मनोज उर्फ मोनू शामिल है।
सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद कमीशन लेकर नोट बदलने के गोरखपुर के एक कारोबारी की सूचना धीरेंद्र ने आयकर विभाग को दी। आयकर अधिकारी ने एक मंत्री का निजी सचिव बनकर कारोबारी को गोखपुर से लखनऊ बुलाया और 17.74 लाख रुपये पकड़े। सभी नोट 100 के थे। इसके बदले आयकर विभाग ने उसे 25 हजार रुपये दिए। धीरेंद्र ने आयकर विभाग को और सूचनाएं दीं लेकिन, उनमें बरामदगी नहीं हो पाई।
व्यापारी के घर पड़ा था छापा
बरामद किए तमंचा, चाकू, कारतूस और देशी बम
- फोटो : amar ujala
धीरेंद्र व उसके साथियों ने दवा के सरकारी ठेकेदार दिवाकर सिंह के वरदान खंड, गोमतीनगर स्थित मकान नंबर 1/64 की कई बार रेकी की। धीरेंद्र को पता था कि दिवाकर के घर पर एनआरएचएम घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने पहले भी छापा मारा था।
डाका डालने के लिए पहले 31 जनवरी की तारीख तय की थी। लेकिन उस दिन सब इकट्ठा नहीं हो पाए। दो फरवरी को हुसड़िया चौराहे पर पहुंचने की बात धीरेंद्र ने अपने साथियों से कही। सर्विलांस पर लगे नंबरों के सहारे एसटीएफ ने इन सभी को दबोच लिया।
पूछताछ में पता चला कि दिवाकर के घर में काला धन होने की आशंका है। एसटीएफ ने इसकी सूचना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दी। आयकर टीम ने दिवाकर सिंह के घर की रेकी की तो पोर्टिको में लग्जरी गाड़ियां खड़ी मिलीं। जिनकी कीमत करोड़ों में है।
बृहस्पतिवार को एसटीएफ टीम के साथ दिवाकर के घर पर छापा मारा। दिवाकर के घर से आयकर विभाग को 15 लाख रुपये कैश, दो किलो सोना, एक लॉकर और कई जमीनों के पेपर मिले। आयकर विभाग की टीम इसकी पड़ताल कर रही है।
एसटीएफ के हत्थे चढ़ा मोहम्मद तलहा एक फरवरी से लापता था। हसनगंज में तलहा की गुमशुदगी का मुकदमा उसके पिता जुबेर ने दर्ज कराया था। मजे की बात यह है तालहा के गिरफ्तार होने के बावजूद हसनगंज पुलिस को इसकी सूचना देर शाम तक नहीं दी गई थी।
इंस्पेक्टर हसनगंज उदयवीर सिंह ने बताया कि जुबेर ने बृहस्पतिवार को तालहा की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया था। तालहा डकैती की साजिश में गिरफ्तार हो चुका है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
डाका डालने के लिए पहले 31 जनवरी की तारीख तय की थी। लेकिन उस दिन सब इकट्ठा नहीं हो पाए। दो फरवरी को हुसड़िया चौराहे पर पहुंचने की बात धीरेंद्र ने अपने साथियों से कही। सर्विलांस पर लगे नंबरों के सहारे एसटीएफ ने इन सभी को दबोच लिया।
पूछताछ में पता चला कि दिवाकर के घर में काला धन होने की आशंका है। एसटीएफ ने इसकी सूचना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दी। आयकर टीम ने दिवाकर सिंह के घर की रेकी की तो पोर्टिको में लग्जरी गाड़ियां खड़ी मिलीं। जिनकी कीमत करोड़ों में है।
बृहस्पतिवार को एसटीएफ टीम के साथ दिवाकर के घर पर छापा मारा। दिवाकर के घर से आयकर विभाग को 15 लाख रुपये कैश, दो किलो सोना, एक लॉकर और कई जमीनों के पेपर मिले। आयकर विभाग की टीम इसकी पड़ताल कर रही है।
एसटीएफ के हत्थे चढ़ा मोहम्मद तलहा एक फरवरी से लापता था। हसनगंज में तलहा की गुमशुदगी का मुकदमा उसके पिता जुबेर ने दर्ज कराया था। मजे की बात यह है तालहा के गिरफ्तार होने के बावजूद हसनगंज पुलिस को इसकी सूचना देर शाम तक नहीं दी गई थी।
इंस्पेक्टर हसनगंज उदयवीर सिंह ने बताया कि जुबेर ने बृहस्पतिवार को तालहा की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया था। तालहा डकैती की साजिश में गिरफ्तार हो चुका है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।