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कोयले की किल्लत : संकट से निपटने के लिए यूपी ने खरीदी 1.60 करोड़ यूनिट बिजली, 1715 मेगावाट की थर्मल इकाइयां बंद
Tue, 12 Oct 2021 09:59 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 12 Oct 2021 09:59 PM IST
सार
लोगों को राहत देने के लिए कॉर्पोरेशन को औसत से करीब दोगुनी दर 15.84 रुपये/यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदनी पड़ी। सामान्यत: कॉर्पोरेशन सात से आठ रुपये प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदता रहा है, लेकिन संकट के चलते इसके दाम आसमान पर हैं।
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कोयला
विस्तार
कोयले की कमी के चलते पैदा हुए बिजली संकट से निपटने के लिए यूपी पावर कॉर्पोरेशन को मंगलवार को 1.60 करोड़ यूनिट बिजली खरीदनी पड़ी। लोगों को राहत देने के लिए कॉर्पोरेशन को औसत से करीब दोगुनी दर 15.84 रुपये/यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदनी पड़ी। सामान्यत: कॉर्पोरेशन सात से आठ रुपये प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदता रहा है, लेकिन संकट के चलते इसके दाम आसमान पर हैं।
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इस बीच, कोयले की कमी के चलते प्रदेश में 1715 मेगावाट की थर्मल इकाइयों को बंद रखा गया है। यही नहीं, जहां कोयला है वहां भी संयंत्रों को कम क्षमता पर चलाया जा रहा है। फिलहाल कोयला संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में घोषित और अघोषित बिजली कटौती हो रही है। इस संकट से निकलने के लिए ही पावर कॉर्पोरेशन ने इंडियन एनर्जी एक्सजेंच से बिजली खरीदी।
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बिजली संयंत्रों में कम है कोयले का स्टॉक
हरदुआगंज में 12,039 मीट्रिक टन कोयले का स्टॉक है। इससे मात्र डेढ़ दिन ही काम चलेगा। वहीं, पारीछा में 14,803 मीट्रिक टन स्टॉक है, जिससे एक दिन उत्पादन हो सकेगा। ओबरा में 35,278 मीट्रिक टन के स्टॉक से ढाई दिन संयंत्र चलेगा, जबकि अनपरा में 69,190 मीट्रिक टन कोयला है। इससे संयंत्र दो दिन और चलाया जा सकता है।
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नई रैक के लिए भेजी डिमांड
प्रदेश के विद्युत संयंत्रों में कोयले की नई रैकों की व्यवस्था की जा रही है। रेलवे के जरिए पारीछा के लिए एनसीएल से डेढ़ रैक, बीसीसीएल से दो रैक तथा सीसीएल से एक रैक की डिमांड की गई है। हरदुआगंज के लिए बीसीसीएल से आधी रैक तथा सीसीएल से डेढ़ रैक, ओबरा के लिए एनसीएल से चार रैक प्रतिदिन तथा अनपरा के लिए भी एमजीआर के द्वारा रैक की डिमांड की गई है। हालांकि हरदुआगंज और पारीछा को कोयला मिला, पर उसकी मात्रा इतनी ही है कि संयंत्र कम क्षमता पर चलता रहे और बंद न हो।
पारीछा को सिर्फ एक मालगाड़ी कोयला, बंद करनी पड़ सकती है एक इकाई
झांसी। पारीछा थर्मल पावर प्लांट में चार में से तीन इकाइयों से उत्पादन शुरू हो गया है। लेकिन, मंगलवार को तीन की जगह एक मालगाड़ी कोयला मिलने से उत्पादन पर फिर असर पड़ता नजर आ रहा है। प्लांट अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को अगर तीन रैक (मालगाड़ी) कोयला नहीं मिला तो एक इकाई को बंद करना पड़ सकता है। वहीं, ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट में मंगलवार को तीसरी इकाई को भी चालू कर लिया गया। पारीछा व बजाज प्लांट में रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। वर्तमान में पारीछा की चार इकाइयों में 250 मेगावाट की दो व 210 मेगावाट की एक इकाई से उत्पादन हो रहा है। वहीं, ललितपुर प्लांट की 660- 660 मेगावाट की तीनों इकाइयों में मंगलवार से उत्पादन शुरू हो गया। यहां अभी दो इकाइयों से उत्पादन हो रहा था।
अनपरा में भुगतान लंबित, कैसे सुधरें हालात
अनपरा (सोनभद्र)। प्रदेश में विद्युत आपूर्ति के आधार स्तंभ उत्पादन निगम की परियोजनाओं में कोयला संकट का प्रमुख कारण भुगतान का लंबित होना है। यूपी राज्य विद्युत उत्पादन निगम पर कोल इंडिया का 1500 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। इसके भुगतान पर कोई पहल नहीं की जा रही। वहीं, कोल प्रबंधन का कहना है कि किसी को भी कोयले की आपूर्ति नहीं रोकी गई है। सिर्फ भुगतान करने वालों को वरीयता दी जा रही है। अक्तूबर में उत्पादन निगम ने एनसीएल को नौ दिन के कोयले के लिए 85 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जबकि 12 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में नया भुगतान भी लंबित होता जा रहा है।