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UP: कफ सिरप सिंडीकेट में माफिया की हिस्सेदारी पता लगा रहीं एजेंसियां... बिहार सरकार के मंत्री का भी आ रहा नाम

Tue, 02 Dec 2025 09:16 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 02 Dec 2025 09:16 PM IST
सार

यूपी में कई माफिया द्वारा बीते कुछ वर्षों के दौरान अकूत संपत्ति जुटाई गई है। इन संपत्तियों के साथ बेशकीमती गाड़ियों के काफिले भी एजेंसियों के रडार पर आ चुके हैं। सिंडिकेट में बिहार सरकार के मंत्री का भी नाम आ रहा है।

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Agencies investigating mafia's involvement in cough syrup syndicate
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कफ सिरप सिंडीकेट में प्रदेश के कई माफिया की हिस्सेदारी का प्रवर्तन निदेशालय और एसटीएफ पता लगा रही हैं। सिंडीकेट के मुख्य आरोपियों के पूर्वांचल के कई माफिया से संबंध एजेंसियों के लिए जांच का सबब बन चुके हैं। खासकर ईडी माफिया की कंपनियों की पड़ताल में जुटी हैं ताकि उसमें हुए संदिग्ध लेन-देन का पता लगाकर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।

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दरअसल, प्रदेश में कई माफिया द्वारा बीते कुछ वर्षों के दौरान अकूत संपत्ति जुटाई गई है। इन संपत्तियों के साथ बेशकीमती गाड़ियों के काफिले भी एजेंसियों के रडार पर आ चुके हैं। ईडी की एक टीम ने मंगलवार को राजधानी में एक माफिया के घर की रेकी कर अहम जानकारियां भी जुटाई हैं। वहीं ईडी की प्रयागराज यूनिट की एक टीम ने वाराणसी में डेरा डाल दिया है और इस मामले से जुड़े आरोपियों, उनके खिलाफ दर्ज केस आदि की जानकारी जुटा रही है। जल्द ईडी कफ सिरप मामले में मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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बिहार के मंत्री की संलिप्तता
जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम जायसवाल शराब का कारोबार भी करता था। वाराणसी में कुछ माफिया के संपर्क में आने के बाद उसने बिहार में शराब की तस्करी शुरू कर दी। बिहार में शराबबंदी की वजह से उसे तगड़ा मुनाफा होने लगा, जिसका एक हिस्सा वह माफिया को भी देता था। माफिया ने उसका संपर्क बिहार के एक विधायक (वर्तमान में मंत्री) से कराया था, जो सीमा पर शराब की खेप पकड़े जाने पर उसे छुड़ाने में मदद करता था।

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