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जाम में गूंजी किलकारियां: रामबन में जाम में फंसी एंबुलेंस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, दोनों सुरक्षित
Sun, 25 Sep 2022 12:03 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, रामबन
अमर उजाला नेटवर्क, रामबन
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 25 Sep 2022 12:03 PM IST
सार
एंबुलेंस करीब तीन घंटे तक जाम में फंसे रही। इस बीच गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वरिष्ठ डॉक्टरों के संपर्क में रहे मेडिकल सपोर्ट स्टाफ ने एंबुलेंस में ही सामन्य प्रसव करवाया।
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Ramban
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेहाड में जाम में फंसे रहने के दौरान उपमंडल गूल के पीएचसी संगलदान से जिला अस्पताल रेफर की गई एक गर्भवती महिला ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। जिला अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि धाडम निवासी मोहम्मद यूसुफ की पत्नी शाहीना बेगम (22) ने सपोर्ट स्टाफ की मदद से एंबुलेंस में स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है।
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आधिकारिक सूत्रों से पता चला है कि मेहाड और कैफेटेरिया मोड़ रामबन के बीच पत्थर गिरने से राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया था, जिसके कारण वाहनों रुक गए थे। मेहाड के दोनों ओर जाम लगा हुआ था। नवजात के पिता मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि जब एंबुलेंस करूल में हाईवे पर पहुंची तो वहां भारी जाम था। लेकिन, सेना ने मेहाड तक जाम खुलवाया और एंबुलेंस को रास्ता दिया। लेकिन, एक पहाड़ी से लुढ़कते पत्थरों के कारण एंबुलेंस मेहाड के पास जाम में फंस गई।
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Jammu Srinagar Highway
- फोटो : अमर उजाला
तीन घंटे तक फंसे रहे जाम में
उन्होंने कहा कि वे करीब तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे। इस बीच उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वरिष्ठ डॉक्टरों के संपर्क में रहे मेडिकल सपोर्ट स्टाफ ने एंबुलेंस में ही सामन्य प्रसव करवाया। स्थानीय चिकित्सा स्वयंसेवकों की रेस्क्यू टीम भी मेहाड पहुंची और बाद में पस्सी के बीच पुलिस चिकित्सा कर्मचारी, सेना और नागरिक स्वयंसेवकों ने उनकी पत्नी और नवजात को जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया है कि मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर और स्वस्थ है।
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उन्होंने कहा कि वे करीब तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे। इस बीच उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वरिष्ठ डॉक्टरों के संपर्क में रहे मेडिकल सपोर्ट स्टाफ ने एंबुलेंस में ही सामन्य प्रसव करवाया। स्थानीय चिकित्सा स्वयंसेवकों की रेस्क्यू टीम भी मेहाड पहुंची और बाद में पस्सी के बीच पुलिस चिकित्सा कर्मचारी, सेना और नागरिक स्वयंसेवकों ने उनकी पत्नी और नवजात को जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया है कि मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर और स्वस्थ है।
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