{"_id":"689660439b338a99bc0ee49a","slug":"temporary-employees-demonstrated-for-pending-wages-and-regularization-samba-news-c-289-1-sba1003-107624-2025-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: बकाये वेतन और नियमितीकरण को लेकर अस्थायी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: बकाये वेतन और नियमितीकरण को लेकर अस्थायी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
पीएचई के अस्थायी कर्मचारियों ने मांगो को लेकर सांबा में निकाला रोष मार्चजम्मू कश्मीर सरकार के
पीएचई एम्प्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले पीएचई (पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट) सांबा के अस्थायी कर्मचारियों ने शुक्रवार को सांबा में बकाए वेतन और नियमितीकरण की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अस्थायी कर्मचारियों ने पीएचई सब डिवीज़न कार्यालय से सांबा मार्ग होते हुए मुख्य बाजार तक रोष मार्च निकाला।
प्रदर्शन में शामिल अस्थायी कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। चेतावनी दी कि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह पानी की सप्लाई ठप कर अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले जाएंगे। पीएचई एम्प्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य राजिंदर सिंह ने कहा कि पीएचई कर्मियों को जम्मू कश्मीर सरकार के मंत्री जावेद राणा ने इसी साल मार्च में बुलाकर जल्द खुशखबरी सामने आने की बात कही थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि उनकी जायज़ मांगें पूरी की जाएंगी। लेकिन छह महीने का समय बीत जाने के बाद मांगों को पूरा नहीं किया गया।
फ्रंट के सदस्य रवि हंस ने कहा कि लंबे समय से सभी सरकारें पीएचई कर्मियों को आश्वासन की घुट्टी पिलाती आ रही हैं। दस वर्ष के बाद जम्मू-कश्मीर में सरकार बनने पर उनमें उम्मीद जगी थी कि उनकी मांगें शायद अब पूरी हो जाएंगी। लेकिन उमर अब्दुल्ला की सरकार ने भी उनके लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर जल्द सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित और बकाया वेतन जारी नहीं किया गया तो सभी कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन
पीएचई एम्प्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के सांबा सदस्य राकेश कुमार ने कहा पिछले दो वर्षों से लगातार अस्थायी कर्मचारी अपने हक के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन सरकार हर बार झूठे आश्वासन देकर उन्हें टाल रही है। उनका कहना रहा कि पीएचई कर्मियों का 70 माह का बकाया वेतन, स्थायी नौकरी और अस्थायी कर्मचारी सेवानिवृत्त पॉलिसी देकर सरकार जल्द राहत दे। मांगें पूरी नहीं की गईं तो पानी की सप्लाई ठप कर अनिश्चितकाल हड़ताल उनकी बाध्यता होगी।
विज्ञापन
प्रदर्शन में शामिल अस्थायी कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। चेतावनी दी कि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह पानी की सप्लाई ठप कर अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले जाएंगे। पीएचई एम्प्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य राजिंदर सिंह ने कहा कि पीएचई कर्मियों को जम्मू कश्मीर सरकार के मंत्री जावेद राणा ने इसी साल मार्च में बुलाकर जल्द खुशखबरी सामने आने की बात कही थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि उनकी जायज़ मांगें पूरी की जाएंगी। लेकिन छह महीने का समय बीत जाने के बाद मांगों को पूरा नहीं किया गया।
विज्ञापन
फ्रंट के सदस्य रवि हंस ने कहा कि लंबे समय से सभी सरकारें पीएचई कर्मियों को आश्वासन की घुट्टी पिलाती आ रही हैं। दस वर्ष के बाद जम्मू-कश्मीर में सरकार बनने पर उनमें उम्मीद जगी थी कि उनकी मांगें शायद अब पूरी हो जाएंगी। लेकिन उमर अब्दुल्ला की सरकार ने भी उनके लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर जल्द सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित और बकाया वेतन जारी नहीं किया गया तो सभी कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन
पीएचई एम्प्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के सांबा सदस्य राकेश कुमार ने कहा पिछले दो वर्षों से लगातार अस्थायी कर्मचारी अपने हक के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन सरकार हर बार झूठे आश्वासन देकर उन्हें टाल रही है। उनका कहना रहा कि पीएचई कर्मियों का 70 माह का बकाया वेतन, स्थायी नौकरी और अस्थायी कर्मचारी सेवानिवृत्त पॉलिसी देकर सरकार जल्द राहत दे। मांगें पूरी नहीं की गईं तो पानी की सप्लाई ठप कर अनिश्चितकाल हड़ताल उनकी बाध्यता होगी।