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उद्योग विभाग के सिंगल विंडो पोर्टल को पूरी तरह फेसलेस बनाएं : डुल्लू
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मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा की। संवा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शुक्रवार को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सिंगल विंडो पोर्टल के कामकाज और प्रगति की समीक्षा करते हुए पोर्टल को पूरी तरह से फेसलेस और सुगम बनाने को कहा।
उन्होंने कहा कि इससे आवेदक किसी भी सरकारी कार्यालय में जाए बिना सभी परमिशन और एनओसी प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने एनआईसी को मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने को कहा।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 31 अक्तूबर की समय-सीमा निर्धारित करने का निर्देश दिया। स्पष्ट किया कि उनका कार्यालय जमीनी स्तर पर सिस्टम की प्रभावशीलता की स्वतंत्र रूप से जांच करेगा।
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उद्योग एवं वाणिज्य के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने बताया कि 21 विभागों की 185 सेवाएं पहले ही पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई हैं। इस प्लेटफॉर्म को डिजीलॉकर, ई-अबकारी, ऑटो-अपील, ई-उन्नत, उमंग और एनजीडीआरएस से जोड़ा गया है। आईटी सचिव डॉ. पीयूष सिंगला ने बताया कि पोर्टल को सफलतापूर्वक राज्य डेटा सेंटर (एसडीसी) में स्थानांतरित कर दिया गया है। सुरक्षा ऑडिट होने के बाद इसे जल्द ही पूरी तरह से कार्य करने के लिए और लाइव कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इससे सभी विभागों में सेवाओं की डिलीवरी के लिए एक कुशल, भ्रष्टाचार मुक्त और प्रौद्योगिकी आधारित तंत्र स्थापित होगा। बैठक में जेकेईजीए के प्रबंध निदेशक, एनआईसी के अधिकारी माैजूद रहे।
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श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शुक्रवार को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सिंगल विंडो पोर्टल के कामकाज और प्रगति की समीक्षा करते हुए पोर्टल को पूरी तरह से फेसलेस और सुगम बनाने को कहा।
उन्होंने कहा कि इससे आवेदक किसी भी सरकारी कार्यालय में जाए बिना सभी परमिशन और एनओसी प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने एनआईसी को मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने को कहा।
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इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 31 अक्तूबर की समय-सीमा निर्धारित करने का निर्देश दिया। स्पष्ट किया कि उनका कार्यालय जमीनी स्तर पर सिस्टम की प्रभावशीलता की स्वतंत्र रूप से जांच करेगा।
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उद्योग एवं वाणिज्य के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने बताया कि 21 विभागों की 185 सेवाएं पहले ही पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई हैं। इस प्लेटफॉर्म को डिजीलॉकर, ई-अबकारी, ऑटो-अपील, ई-उन्नत, उमंग और एनजीडीआरएस से जोड़ा गया है। आईटी सचिव डॉ. पीयूष सिंगला ने बताया कि पोर्टल को सफलतापूर्वक राज्य डेटा सेंटर (एसडीसी) में स्थानांतरित कर दिया गया है। सुरक्षा ऑडिट होने के बाद इसे जल्द ही पूरी तरह से कार्य करने के लिए और लाइव कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इससे सभी विभागों में सेवाओं की डिलीवरी के लिए एक कुशल, भ्रष्टाचार मुक्त और प्रौद्योगिकी आधारित तंत्र स्थापित होगा। बैठक में जेकेईजीए के प्रबंध निदेशक, एनआईसी के अधिकारी माैजूद रहे।