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Jammu News: श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा संपन्न, कड़ी सुरक्षा के बीच पवित्र छड़ी श्री दशनामी अखाड़ा लौट

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Shri Budha Amarnath Yatra concluded, the holy stick returned to Shri Dashnami Akhara amid tight security
पुंछ के दशनामी अखाड़ा मंदिर के बाहर स्वामी विश्वात्मांनंद सरसवती महाराज की अगुवाई में पहुंची पव
जिले के मंडी तहसील स्थित भगवान भोले नाथ के पावन धाम श्रीबूढ़ा अमर नाथ की एक महीने से चल रही श्रावण मास यात्रा रविवार को स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती महाराज की अगुवाई में श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में भगवान शिव और देवी पार्वती का प्रतीक चांदी की पवित्र छड़ी श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर लोटने के साथ ही सम्पन हो गई। इस अवसर पर सर्वप्रथम सुबह नो बजे स्वामी विश्वात्मांनंद सरसवती महाराज द्धारा श्रीबूढ़ा अमरनाथ मंदिर में स्वयंभूशिव लिंग पर तीन दिन पूर्व स्थापित की गई पवित्र छड़ी को पूजा अर्चना के उपरांत वैदिक मंत्रों के बीच मंदिर से बाहर लाया गया।
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, जहां जम्मू कश्मीर पुलिस की तरफ से छड़ी को गार्ड आफ आनर दिया गया। जिसके उपरांत कड़ी सुरक्षा के बीच स्वामी जी एंव अन्य श्रदालूओं के साथ रथ पर छड़ी पुंछ के लिए निकली। करीब डेड घंटे बाद जब पवित्र छड़ी श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर के बाहर पहुंची तो वहां जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने छड़ी का स्वागत किया। यहां एक बार फिर पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया। जिसके उपरांत पवित्र छड़ी की आरती उतरने के उपरांत उसे अगले एक वर्ष के लिए श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर में स्वामी शंंकरानंद पुरी जी की कुटिया स्थापित किया गया। गोरतलब है कि सदियों से चली आ रही परम्परा में पुंछ जिले की मंडी तहसील मुख्यालय पर स्थित भगवान भोलेनाथ के पावन धाम श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में हर वर्ष रक्षा बंधन के दो दिन पहले पुंछ नगर स्थित दशनामी अखाड़ा मंदिर से भगवान शिव और देवी पार्वती का प्रतीक चांदी की पवित्र छड़ी के साथ यात्रा निकाली जाती है।
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जिसके श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में पहुंचने पर उस छड़ी को स्वयंभू शिवलिंग पर स्थापित किया जाता है। जिसके साथ ही श्री बूढ़ा अमरनाथ में तीन दिवसीय मेला और दर्शन पूजन शुरू होता है जो रक्षा बंधन अर्थात श्रावण मास की पूर्णिमा के एक दिन बाद सम्पन्न होता है और पवित्र छड़ी को स्वयंभू शिवलिंग से उतार कर फिर से श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर लाया जाता है।
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