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Jammu News: हाईस्कूल की फर्जी मार्कशीट बनाने वाले सात दोषियों को दो साल की जेल
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करीब 23 साल तक चली जांच और मुकदमें की सुनवाई के बाद सिटी जज श्रीनगर ने हाईस्कूल की फर्जी मार्कशीट बनाने और विद्यालय में प्रवेश के लिए उसके प्रयोग करने पर सात दोषियों को दो साल कैद की सजा सुनाई है। सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। क्राइम ब्रांच कश्मीर (सीबीके) ने मामले में वर्ष 2002 में आरपीसी की धारा 420, 468, 471, 120-बी के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
इसी क्रम में एक अन्य प्रकरण में सिटी जज श्रीनगर की अदालत ने क्राइम ब्रांच कश्मीर (अब आर्थिक अपराध शाखा) की मुकदमा संख्या 24/2008 की धारा 420, 109-बी आरपीसी के मामले में आरोपी मुख्तार अहमद गुरु और नज़ीर अहमद गुरु को दोषी ठहराया। यह मामला एक आवासीय अचल संपत्ति खरीदने के बहाने शिकायतकर्ता से 34 लाख रुपये हड़पने से संबंधित था। इस तथ्य को छिपाते हुए कि शिकायतकर्ता एक विदेशी होने के कारण ऐसा नहीं कर सकता, बावजूद पीड़ित को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया। 17 साल की लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों दोषियों को दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक अपराध के लिए पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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इसी क्रम में एक अन्य प्रकरण में सिटी जज श्रीनगर की अदालत ने क्राइम ब्रांच कश्मीर (अब आर्थिक अपराध शाखा) की मुकदमा संख्या 24/2008 की धारा 420, 109-बी आरपीसी के मामले में आरोपी मुख्तार अहमद गुरु और नज़ीर अहमद गुरु को दोषी ठहराया। यह मामला एक आवासीय अचल संपत्ति खरीदने के बहाने शिकायतकर्ता से 34 लाख रुपये हड़पने से संबंधित था। इस तथ्य को छिपाते हुए कि शिकायतकर्ता एक विदेशी होने के कारण ऐसा नहीं कर सकता, बावजूद पीड़ित को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया। 17 साल की लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों दोषियों को दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक अपराध के लिए पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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