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Jammu News: केंद्रीय विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन
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एबीवीपी के नेतृत्व में धरने पर बैठे छात्र स्रोत - एबीवीपी
आर्यभट्ट भवन से लेकर प्रशासनिक भवन तक छात्र-छात्राओं ने निकाला मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय में अचानक हुई हाॅस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट भवन से लेकर प्रशासनिक भवन तक छात्र-छात्राओं ने मार्च निकाला और ''फीस बढ़ोतरी वापस लो'' जैसे नारे लगाए। एबीवीपी के नेतृत्व में छात्र एकजुट होकर धरने पर बैठे और फीस वापसी की मांग की।
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि बीते कुछ वर्षों में हास्टल फीस को बिना किसी स्पष्ट कारण के तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह फीस आठ हजार रुपये थी, जो बारह हजार होते हुए अब अठारह हजार रुपये तक पहुंच गई है। इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई छात्र पहले ही छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं, ऐसे में यह बढ़ोतरी उनके लिए भारी बोझ बन गई है। एबीवीपी के विश्वविद्यालय इकाई के सचिव अभिषेक चौधरी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा कोई विलासिता नहीं, बल्कि अधिकार है। हम विकास और सुविधाओं के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन छात्रों से ही हर बार कीमत वसूलना ठीक नहीं है।
कई घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद कुलपति ने छात्रों से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि फीस में अब कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी और हास्टल का आवंटन तय मानदंडों के अनुसार किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ, लेकिन एबीवीपी ने साफ कर दिया कि वह भविष्य में भी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर खड़ी रहेगी और शिक्षा को सुलभ और सस्ती बनाए रखने की लड़ाई जारी रखेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय में अचानक हुई हाॅस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट भवन से लेकर प्रशासनिक भवन तक छात्र-छात्राओं ने मार्च निकाला और ''फीस बढ़ोतरी वापस लो'' जैसे नारे लगाए। एबीवीपी के नेतृत्व में छात्र एकजुट होकर धरने पर बैठे और फीस वापसी की मांग की।
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि बीते कुछ वर्षों में हास्टल फीस को बिना किसी स्पष्ट कारण के तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह फीस आठ हजार रुपये थी, जो बारह हजार होते हुए अब अठारह हजार रुपये तक पहुंच गई है। इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई छात्र पहले ही छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं, ऐसे में यह बढ़ोतरी उनके लिए भारी बोझ बन गई है। एबीवीपी के विश्वविद्यालय इकाई के सचिव अभिषेक चौधरी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा कोई विलासिता नहीं, बल्कि अधिकार है। हम विकास और सुविधाओं के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन छात्रों से ही हर बार कीमत वसूलना ठीक नहीं है।
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कई घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद कुलपति ने छात्रों से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि फीस में अब कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी और हास्टल का आवंटन तय मानदंडों के अनुसार किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ, लेकिन एबीवीपी ने साफ कर दिया कि वह भविष्य में भी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर खड़ी रहेगी और शिक्षा को सुलभ और सस्ती बनाए रखने की लड़ाई जारी रखेगी।
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