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बिजनेस रूल पर राजभवन के जवाब का सही समय : चौधरी
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उपमुख्यमंत्री की फोटो लगा लें...
- कैबिनेट ने हस्ताक्षर से दूर की हैं राजभवन की आपत्तियां
-उपमुख्यमंत्री बोले-नौ महीने से सत्तासीन सरकार के बंधे हैं हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा है कि कामकाज नियम निर्धारण (बिजनेस रूल) पर जवाब का सही समय आ गया है। बिजनेस रूल में जो आपत्तियां राजभवन की तरफ से दर्ज की गई थीं, उन्हें मंत्रिमंडल ने दूर कर दिया है। प्रदेश सरकार की तरफ से मामला पूरी तरह साफ है। बिजनेस रूल तय होने से सरकार को ज्यादा अधिकार मिलेंगे तो प्रदेश में कामकाज तेजी से पूरे हो सकेंगे। इसके लिए बिजनेस रूल लाए गए थे। प्रदेश के सभी मंत्रियों ने बिजनेस रूल की आपत्तियों को अपने हस्ताक्षर के साथ दूर किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के अधिकार सीमित हैं। इससे प्रदेश के विकास को गति नहीं मिल पा रही है। प्रदेश में नेशनल कॉन्फ्रेंस को सत्तासीन हुए करीब नौ महीने हो रहे हैं। इस अवधि में प्रदेश सरकार ने बिजनेस रूल तैयार किए थे। ताकि इनकी वजह से प्रदेश में विकास को रफ्तार मिल सके। लेकिन अभी तक उपराज्यपाल ने इसे मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस बारे में कई बार उठा चुके हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद मार्च महीने में पहली बार बिजनेस रूल की फाइल को राजभवन भेजा था। राजभवन से चार मई को फाइल आपत्तियों के साथ सरकार को वापस लौटा दी गई। प्रदेश सरकार ने फाइल वापस मिलते ही आनन-फानन में कैबिनेट की बैठक बुलाकर फाइल में दर्ज आपत्तियों को दूर किया और इसे दोबारा उपराज्यपाल को भेजा गया। पांच मई को कैबिनेट से फाइल राज्यपाल को भेजी थी। अब करीब डेढ़ महीने बाद बिजनेस रूल पर कोई फैसला नहीं हो पाया है।
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- कैबिनेट ने हस्ताक्षर से दूर की हैं राजभवन की आपत्तियां
-उपमुख्यमंत्री बोले-नौ महीने से सत्तासीन सरकार के बंधे हैं हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा है कि कामकाज नियम निर्धारण (बिजनेस रूल) पर जवाब का सही समय आ गया है। बिजनेस रूल में जो आपत्तियां राजभवन की तरफ से दर्ज की गई थीं, उन्हें मंत्रिमंडल ने दूर कर दिया है। प्रदेश सरकार की तरफ से मामला पूरी तरह साफ है। बिजनेस रूल तय होने से सरकार को ज्यादा अधिकार मिलेंगे तो प्रदेश में कामकाज तेजी से पूरे हो सकेंगे। इसके लिए बिजनेस रूल लाए गए थे। प्रदेश के सभी मंत्रियों ने बिजनेस रूल की आपत्तियों को अपने हस्ताक्षर के साथ दूर किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के अधिकार सीमित हैं। इससे प्रदेश के विकास को गति नहीं मिल पा रही है। प्रदेश में नेशनल कॉन्फ्रेंस को सत्तासीन हुए करीब नौ महीने हो रहे हैं। इस अवधि में प्रदेश सरकार ने बिजनेस रूल तैयार किए थे। ताकि इनकी वजह से प्रदेश में विकास को रफ्तार मिल सके। लेकिन अभी तक उपराज्यपाल ने इसे मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस बारे में कई बार उठा चुके हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद मार्च महीने में पहली बार बिजनेस रूल की फाइल को राजभवन भेजा था। राजभवन से चार मई को फाइल आपत्तियों के साथ सरकार को वापस लौटा दी गई। प्रदेश सरकार ने फाइल वापस मिलते ही आनन-फानन में कैबिनेट की बैठक बुलाकर फाइल में दर्ज आपत्तियों को दूर किया और इसे दोबारा उपराज्यपाल को भेजा गया। पांच मई को कैबिनेट से फाइल राज्यपाल को भेजी थी। अब करीब डेढ़ महीने बाद बिजनेस रूल पर कोई फैसला नहीं हो पाया है।
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