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Jammu News: चंद्रगहण... मंदिरों में नहीं हुई शाम की आरती, सूतक काल में मां वैष्णो देवी की यात्रा रही जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। चंद्रग्रहण शनिवार मध्यरात्रि को लगा, लेकिन सूतक काल शाम 4 बजे से शुरू हो गया। इस कारण मंदिरों के कपाट बंद हो गए। बावे वाली मंदिर दोपहर के भोग के एक घंटे बाद 2 से 3 बजे तक भक्तों के लिए खुला रहा। तीन बजे के बाद कपाट बंद कर दिए। पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार रविवार सुबह आरती के बाद 5 बजे मंदिर भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। इसी तरह कोल कंडोली मंदिर के कपाट शाम 4 बजे बंद हो गए। पंडित जयप्रकाश के अनुसार तीर्थ स्थानों से आए जल से माता को स्नान करवाया जाएगा। इसके बाद आरती कर कपाट खोले जाएंगे। मां वैष्णो देवी मंदिर में सांय काल को आरती दोपहर 2ः30 से शाम 4 बजे तक हुई, लेकिन मंदिर बंद नहीं हुआ और श्रद्धालुओं ने सूतक काल में भी दर्शन किए।
रांजड़ी में सत्संग, मधुपरमंहस महाराज ने संगत को बांटा अध्यात्म ज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू/सांबा। साहिब बंदगी के सद्गुरु मधुपरमहंस महाराज ने रांजड़ी में सत्संग के दौरान संगत को अध्यात्म ज्ञान की शिक्षा दी। कहा कि प्रेम ही परमात्मा है और उसे पाने का सूत्र भी प्रेम और भक्ति ही है। प्रेम हैवान को इंसान और इंसान को भगवान बना देता है। उन्होंने इसका उदाहरण एक कहानी के माध्यम से दिया कि एक रानी बहुत सुंदर थी, लेकिन उसका पति (राजा) बूढ़ा था। शृंगार करती रानी से दासी कहती है कि तुम्हारी सुंदरता देख राजा तुम्हारे काबिल नहीं है। इस राज्य में एक ब्राह्मण है, जो बहुत सुंदर है और तुम्हारे योग्य था। एकाएक रानी के हृदय में ब्राह्मण के प्रति एक भाव उत्पन्न हो गया। ब्राह्मण के हृदय में भी रानी के प्रति आकर्षण पैदा हो गया। इसका मतलब है कि जो हमारे प्रेम की तरंगें हैं, वो बड़ी प्रबल हैं। आप जिसका भी ध्यान करेंगे, आपकी तरंगें उसके पास जाएंगी। प्रबल प्रेम के वश में प्रभु का नियम भी बदल जाता है, इसलिए परमात्मा का ध्यान करें। लैला-मजनू के प्रेम को इसलिए पूजते हैं, क्योंकि उनका प्रेम पाप रहित था। ऐसा प्रेम अगर ईश्वर से करोगो तो उन्हें प्राप्त करोगो।
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जम्मू। चंद्रग्रहण शनिवार मध्यरात्रि को लगा, लेकिन सूतक काल शाम 4 बजे से शुरू हो गया। इस कारण मंदिरों के कपाट बंद हो गए। बावे वाली मंदिर दोपहर के भोग के एक घंटे बाद 2 से 3 बजे तक भक्तों के लिए खुला रहा। तीन बजे के बाद कपाट बंद कर दिए। पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार रविवार सुबह आरती के बाद 5 बजे मंदिर भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। इसी तरह कोल कंडोली मंदिर के कपाट शाम 4 बजे बंद हो गए। पंडित जयप्रकाश के अनुसार तीर्थ स्थानों से आए जल से माता को स्नान करवाया जाएगा। इसके बाद आरती कर कपाट खोले जाएंगे। मां वैष्णो देवी मंदिर में सांय काल को आरती दोपहर 2ः30 से शाम 4 बजे तक हुई, लेकिन मंदिर बंद नहीं हुआ और श्रद्धालुओं ने सूतक काल में भी दर्शन किए।
रांजड़ी में सत्संग, मधुपरमंहस महाराज ने संगत को बांटा अध्यात्म ज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू/सांबा। साहिब बंदगी के सद्गुरु मधुपरमहंस महाराज ने रांजड़ी में सत्संग के दौरान संगत को अध्यात्म ज्ञान की शिक्षा दी। कहा कि प्रेम ही परमात्मा है और उसे पाने का सूत्र भी प्रेम और भक्ति ही है। प्रेम हैवान को इंसान और इंसान को भगवान बना देता है। उन्होंने इसका उदाहरण एक कहानी के माध्यम से दिया कि एक रानी बहुत सुंदर थी, लेकिन उसका पति (राजा) बूढ़ा था। शृंगार करती रानी से दासी कहती है कि तुम्हारी सुंदरता देख राजा तुम्हारे काबिल नहीं है। इस राज्य में एक ब्राह्मण है, जो बहुत सुंदर है और तुम्हारे योग्य था। एकाएक रानी के हृदय में ब्राह्मण के प्रति एक भाव उत्पन्न हो गया। ब्राह्मण के हृदय में भी रानी के प्रति आकर्षण पैदा हो गया। इसका मतलब है कि जो हमारे प्रेम की तरंगें हैं, वो बड़ी प्रबल हैं। आप जिसका भी ध्यान करेंगे, आपकी तरंगें उसके पास जाएंगी। प्रबल प्रेम के वश में प्रभु का नियम भी बदल जाता है, इसलिए परमात्मा का ध्यान करें। लैला-मजनू के प्रेम को इसलिए पूजते हैं, क्योंकि उनका प्रेम पाप रहित था। ऐसा प्रेम अगर ईश्वर से करोगो तो उन्हें प्राप्त करोगो।
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