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जम्मू-कश्मीर: सफाई किए बगैर छोड़ दिया नहरों में पानी, हो रहा ओवरफ्लो
Tue, 13 Apr 2021 02:51 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Tue, 13 Apr 2021 02:51 PM IST
सार
- दोपहर में रणवीर नहर पर दोपहर के समय लोगों की रहती है भीड़
- अब कई जगह मलबा हटाने में जुटा है फ्लड एंड इरीगेशन विभाग
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जम्मू के नालों में भी गंदगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फ्लड एंड इरीगेशन विभाग ने नहरों में पानी तो छोड़ दिया है, लेकिन कई जगह सफाई न होने के चलते पानी ओवरफ्लो हो रहा है। अब मलबा हटाया जा रहा है। तवी नहर में चार अप्रैल जबकि रणबीर नहर में सात अप्रैल को पानी छोड़ा गया है। कुल 30 किलोमीटर एरिया में अभी पानी कम मात्रा में छोड़ा गया है। कुछ दिन पहले रणबीर नहर का पानी ओवरफ्लो होने के कारण आसपास के घरों में घुस गया था। यहां पर क्षतिग्रस्त नहर को ठीक किया गया है।
स्थानीय निवासी विशु राजपूत, गुरबचन सिंह, शमशेर कुमार प्रजापति ने विभाग पर सफाई करवाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार नहर में पानी तो छोड़ दिया गया है, लेकिन अभी खेतों में पानी की उतनी जरूरत नहीं है। गेहूं की कटाई का काम पूरा होने के बाद पानी की जरूरत पड़ेगी।
इस दौरान पूरा पानी छोड़ा जाएगा। रणवीर नहर से साठ किलोमीटर एरिया की सिंचाई होती है जबकि तवी नहर से 45 किलोमीटर एरिया सिंचित होता है। रणवीर नहर का पानी ठंडा होने के कारण दोपहर के समय लोगों की काफी भीड़ उमड़ती है।
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यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: अलबदर संगठन के तीन सहयोगी गिरफ्तार, आतंकियों पर किया यह बड़ा खुलासा
दरारों से हर साल होती है परेशानी
नहरों में लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण दरारें पड़ गई हैं। इस कारण पानी व्यर्थ बहता है। इससे खेतों तक पानी कम पहुंचता है। ऐसे में किसानों को परेशानी पेश आ सकती है।
समतल इलाकों में नहरों से ही होती है सिंचाई
समतल इलाकों में बारिश समय पर हो जाए तो खेतों में नमी आ जाती है। बारिश न होने पर किसानों को नहरों और ट्यूवबेल के पानी से खेतों में सिंचाई करनी पड़ती है। इस कारण नहरों के पानी का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है।
नहरों में पानी छोड़ा गया है। अभी कम पानी की आपूर्ति की जा रही है। जैसे ही गेहूं की फसल कट जाएगी तो पूरा पानी छोड़ दिया जाएगा। खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। - हिमेश मनचंदा, मुख्य अभियंता, फ्लड एंड इरीगेशन विभाग
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स्थानीय निवासी विशु राजपूत, गुरबचन सिंह, शमशेर कुमार प्रजापति ने विभाग पर सफाई करवाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार नहर में पानी तो छोड़ दिया गया है, लेकिन अभी खेतों में पानी की उतनी जरूरत नहीं है। गेहूं की कटाई का काम पूरा होने के बाद पानी की जरूरत पड़ेगी।
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इस दौरान पूरा पानी छोड़ा जाएगा। रणवीर नहर से साठ किलोमीटर एरिया की सिंचाई होती है जबकि तवी नहर से 45 किलोमीटर एरिया सिंचित होता है। रणवीर नहर का पानी ठंडा होने के कारण दोपहर के समय लोगों की काफी भीड़ उमड़ती है।
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दरारों से हर साल होती है परेशानी
नहरों में लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण दरारें पड़ गई हैं। इस कारण पानी व्यर्थ बहता है। इससे खेतों तक पानी कम पहुंचता है। ऐसे में किसानों को परेशानी पेश आ सकती है।
समतल इलाकों में नहरों से ही होती है सिंचाई
समतल इलाकों में बारिश समय पर हो जाए तो खेतों में नमी आ जाती है। बारिश न होने पर किसानों को नहरों और ट्यूवबेल के पानी से खेतों में सिंचाई करनी पड़ती है। इस कारण नहरों के पानी का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है।
नहरों में पानी छोड़ा गया है। अभी कम पानी की आपूर्ति की जा रही है। जैसे ही गेहूं की फसल कट जाएगी तो पूरा पानी छोड़ दिया जाएगा। खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। - हिमेश मनचंदा, मुख्य अभियंता, फ्लड एंड इरीगेशन विभाग