जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की हालत खराब, पांच महीने से कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन
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जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (जेकेआरटीसी) की स्थिति इन दिनों काफी खराब है। पांच अगस्त 2019 और लॉकडाउन के कारण कॉरपोरेशन के राजस्व में भारी गिरावट है। कॉरपोरेशन के दो हजार से अधिक कर्मचारियों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है, वहीं पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी भुगतान नहीं हुआ है।
कॉरपोरेशन की खराब आर्थिक स्थिति का कारण विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से 19 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान न करना और अंतरराज्यीय बस सेवा एक वर्ष से बंद रहना है। जेकेआरटीसी के कर्मचारी पांच महीने से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना कि कॉरपोरेशन की स्थिति काफी खराब है।
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वर्तमान में कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है, वही पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी उनका भुगतान नहीं हो पाया। एक कर्मचारी ने बताया कि सरकार की नीतियां कॉरपोरेशन बंद करने की हैं। सरकार कॉरपोरेशन को आउटसोर्स की तरफ ले जा रही है। कर्मचारियों ने कोविड के दौरान नियमित काम किया, जिसका इनाम उन्हें वेतन विसंगति के रूप में मिला है। जल्द ही कर्मचारी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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कई विभागों के पास अटका है पैसा
कोविड के दौरान जेकेआरटीसी का शहर में परिचालन रहा था। जम्मू मेडिकल कॉलेज, जम्मू नगर निगम, जिला आयुक्त कार्यालय श्रीनगर में बस सेवाएं दीं गई। हालांकि, विभागों ने इसका भुगतान नहीं किया। कोविड के दौरान जेकेआरटीसी ने अपने राजस्व से तेल व अन्य खर्च किए थे, लेकिन विभागों की ओर से भुगतान नहीं होने से कॉरपोरेशन की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। इसके साथ ही राजस्व का बड़ा स्रोत अंतरराज्यीय बस सेवा भी है। सरकार से बजट भी नहीं मिला रहा है।
हमारे पास राजस्व की कमी है। पांच अगस्त 2019 और फिर लॉकडाउन के कारण हमारा ऑपरेशन काफी प्रभावित हुआ, जिससे राजस्व में कमी आई। कर्मचारियों को नियमित वेतन मिले इसके लिए सरकार से मांग की गई है। अब सरकार से सकारात्मक रुख की उम्मीद है। -अंग्रेज सिंह राणा, एमडी, जेकेआरटीसी