जम्मू-कश्मीर: गांवों और शहरों में तीन हजार करोड़ रुपये मजबूत होगा बिजली ढांचा
परियोजनाओं में सब स्टेशनों का निर्माण, मौजूदा स्टेशनों का विस्तार के साथ-साथ अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। साथ ही नई एचटी लाइनें, एबी केबलिंग और अन्य सुधार किए जाने हैं।
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प्रदेश में गांवों और शहरों में बिजली ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। आने वाले दिनों में लोगों को बिजली की लचर व्यवस्था से परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए ग्रामीण व्यवस्था सुदृढ़ीकरण परियोजनाओं के लिए 1576.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में परियोजनाओं के लिए 1538.98 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यह बात बिजली विकास विभाग (पीडीडी) के प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने प्रदेश में चल रही केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) की प्रगति की समीक्षा बैठक में कही।
इनमें प्रमुख सीएसएस के तहत परियोजनाएं शामिल हैं। जैसे डीडीयूजीजेवाई, आईपीडीएस और प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम (पीएमडीपी) के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष सहायता की गई है। कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि कोविड के बावजूद विभाग ने विकास की गति को कम नहीं होने दिया और लगभग आधी परियोजनाओं को इस साल सितंबर और दिसंबर के बीच पूरा करने के लिए समय निर्धारित किया है। कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई देते हुए उन्होंने उन्हें लॉकडाउन के दौरान खोए समय की भरपाई करने और परियोजनाओं को पूरा करने को कहा है।
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हैंडओवर की प्रक्रिया पर जोर देने के निर्देश
आईपीडीएस, पीएमडीपी के तहत पूर्ण किए गए नगरों के हैंडओवर के मुद्दे पर प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को पूर्ण परियोजनाओं के हैंडओवर, टेकओवर प्रक्रिया को तेज करने को कहा। आरओडब्ल्यू के मुद्दे पर प्रमुख सचिव ने कार्यान्वयन एजेंसियों को एमडी केपीडीसीएल को प्रस्तुत किए जाने वाले आरओडब्ल्यू की एक सूची तैयार करने का निर्देश दिया। कंसल ने अधिकारियों को सभी लंबित मुद्दों की निरंतर निगरानी और निवारण करने का निर्देश दिया। इसे कैपेक्स बजट में विधिवत रूप से दर्शाया जाना चाहिए। बैठक में वर्तमान निष्पादन स्तर के साथ स्वीकृत परियोजनाओं की स्थिति, पूरा होने की समय-सीमा, संवर्द्धन, फीडर पृथक्करण, सब-स्टेशन ऑग्मेंटेशन ट्रांसफार्मर, 33 केवी और 11 केवी एचटी लाइनों की स्थिति और इसमें शामिल अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पुराने लकड़ी के पोलों की जगह नए पोल स्थापित किए जाएंगे।