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Jammu News: पेंशनर्स यूनाइटेड फ्रंट का राजोरी में प्रदर्शन
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राजोरी में जम्मू-कश्मीर पेंशनर्स यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य धरना देते हुए। संवाद
- फोटो : rajori news
राजोरी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पेंशनर्स यूनाइटेड फ्रंट ने सोमवार को राजोरी में प्रदर्शन किया। पेंशनर्स को प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग के लाभों से बाहर रखे जाने की रिपोर्ट पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। फ्रंट के जिला अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल ने कहा कि राजोरी में डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें 8वें वेतन आयोग में शामिल किए जाने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने कहा कि पेंशन में समानता, जिसे सुप्रीम कोर्ट और पिछले वेतन आयोगों ने बरकरार रखा है, को संरक्षित किया जाना चाहिए। कहा कि हम प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील करते हैं ताकि पेंशनभोगियों को कुछ राहत मिल सके।
फ्रंट ने पेंशनभोगियों के अधिकारों के प्रति कथित लापरवाही के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार की भी आलोचना की, जिसमें ग्रेच्युटी का भुगतान न करना, कम्यूटेशन लोन और रोके गए अवकाश वेतन शामिल हैं। उन्होंने चिकित्सा भत्ते में देरी और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण कानूनों के कार्यान्वयन में कमी की निंदा की।
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संगठन ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, कोविड अवधि से महंगाई भत्ते का बकाया समय पर जारी करने और लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो हमारे पास शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
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उन्होंने कहा कि पेंशन में समानता, जिसे सुप्रीम कोर्ट और पिछले वेतन आयोगों ने बरकरार रखा है, को संरक्षित किया जाना चाहिए। कहा कि हम प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील करते हैं ताकि पेंशनभोगियों को कुछ राहत मिल सके।
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फ्रंट ने पेंशनभोगियों के अधिकारों के प्रति कथित लापरवाही के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार की भी आलोचना की, जिसमें ग्रेच्युटी का भुगतान न करना, कम्यूटेशन लोन और रोके गए अवकाश वेतन शामिल हैं। उन्होंने चिकित्सा भत्ते में देरी और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण कानूनों के कार्यान्वयन में कमी की निंदा की।
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संगठन ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, कोविड अवधि से महंगाई भत्ते का बकाया समय पर जारी करने और लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो हमारे पास शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।