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मेडिसिटी के लिए 750 कनाल जमीन के हस्तांतरण को मंजूरी

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jammu kashmir news
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में मेडिसिटी के लिए सरकार ने 750 कनाल भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी दी है। जम्मू के मीरां साहिब और कश्मीर के पांपोर में मेडिसिटी स्थापित होनी है। मंगलवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद की बैठक में मेडिसिटी समेत अन्य कई परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई।
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मेडिसिटी में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे के साथ अन्य आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे चिकित्सा, फार्मा पेशेवरों, स्थानीय फार्मासिस्टों और विक्रेताओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। प्रशासनिक परिषद की बैठक में कठुआ जिले के हीरानगर में अरुण जेटली मेमोरियल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण के लिए युवा सेवाएं एवं खेल विभाग जम्मू-कश्मीर को 144 कनाल 12 मरला भूमि हस्तांतरित की गई। इसका उद्देश्य क्रिकेट, हॉकी, फुटबाल, कुश्ती, एथलेटिक्स जैसे खेलों के लिए गुणवत्तापूर्ण खेल बुनियादी ढांचा प्रदान करना है। इससे कठुआ और सांबा जिलों को भारत के खेल मानचित्र पर लाने में मदद मिलेगी। इस स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण 58.23 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसमें खिलाड़ियों को संबंधित खेलों में उत्कृष्टता के लिए नए अवसर दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला शोपियां में नवीन औद्योगिक संपदा विकसित करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को 740 कनाल 9.5 मरला भूमि के हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान की गई। औद्योगिक संपदा से आर्थिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को उद्यम व रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। बैठक में सलाहकार फारूक खान, राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, प्रधान सचिव नितीश्वर कुमार मौजूद रहे।
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जम्मू में बूचड़खानों का होगा आधुनिकीकरण
एक अन्य फैसले में प्रशासनिक परिषद ने जम्मू शहर में मौजूदा गुज्जर नगर और डोगरा हाल बूचड़खानों के आधुनिकीकरण करने पर मोहर लगा दी है। इस पर अनुमानित 21.88 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस आधुनिकीकरण कार्य को 12 माह में पूरा किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर बूचड़खानों से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण सुनिश्चित होगा। इसमें क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और एनजीटी के मानकों को अमल में लाया जाएगा। दोनों बूचड़खानों के आधुनिकीकरण की लंबे समय से मांग रही है।
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