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Jammu News: आप विधायक मेहराज मलिक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डोडा के आम आदमी पार्टी (आप) विधायक मेहराज मलिक के खिलाफ जम्मू के विशेष आबकारी मोबाइल मजिस्ट्रेट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
यह कार्रवाई पूर्व मंत्री एवं विधायक जीएम सरूरी द्वारा दायर मेहराज के खिलाफ मानहानि के पुराने मामले के संदर्भ में की गई है। इसमें मेहराज को गंदोह के एसएचओ को 14 मई अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया।
यह मामला डोडा में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनावों के दौरान मलिक द्वारा सरूरी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी और धमकियों के आरोपों से उपजा है। सरूरी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) के तहत अपराध के लिए शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें दावा किया गया था कि मलिक ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वायरल वीडियो क्लिप में उनके खिलाफ गंदी, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
चार जून 2024 को न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया। मलिक को समन जारी किया और उन्हें 20 जुलाई 2024 को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
हालांकि, मलिक उपस्थित होने में विफल रहे। बार-बार समन जारी करने के बाद भी अदालत में पेश नहीं हुए। इस पर विधायक मेहराज मलिक का कहना है कि ये कानून का मामला है। वे कानून का सम्मान करते हैं।
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जम्मू। डोडा के आम आदमी पार्टी (आप) विधायक मेहराज मलिक के खिलाफ जम्मू के विशेष आबकारी मोबाइल मजिस्ट्रेट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
यह कार्रवाई पूर्व मंत्री एवं विधायक जीएम सरूरी द्वारा दायर मेहराज के खिलाफ मानहानि के पुराने मामले के संदर्भ में की गई है। इसमें मेहराज को गंदोह के एसएचओ को 14 मई अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया।
यह मामला डोडा में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनावों के दौरान मलिक द्वारा सरूरी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी और धमकियों के आरोपों से उपजा है। सरूरी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) के तहत अपराध के लिए शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें दावा किया गया था कि मलिक ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वायरल वीडियो क्लिप में उनके खिलाफ गंदी, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
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चार जून 2024 को न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया। मलिक को समन जारी किया और उन्हें 20 जुलाई 2024 को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
हालांकि, मलिक उपस्थित होने में विफल रहे। बार-बार समन जारी करने के बाद भी अदालत में पेश नहीं हुए। इस पर विधायक मेहराज मलिक का कहना है कि ये कानून का मामला है। वे कानून का सम्मान करते हैं।
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