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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir: Now a new variety of Basmati will grow, five big news of the state including people moving to the mountains as soon as the corona curfew opens

जम्मू-कश्मीर: अब उगेंगी बासमती की नई किस्म, कोरोना कर्फ्यू खुलते ही पहाड़ों का रुख कर रहे लोग समेत प्रदेश की पांच बड़ी खबरें

Wed, 02 Jun 2021 04:53 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 02 Jun 2021 04:53 PM IST
सार

इस साल बासमती 370 की जगह नई वैरायटी लगाई जाएगी। जिसकी खासियत यह है कि एक हेक्टेयर में 45 से 50 किलोग्राम पैदावार होती है जबकि पहले से बीजी जा रही बासमती एक हेक्टेयर में 30 किलोग्राम के आसपास ही निकलती है। दूसरा मामला जम्मू मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का है जिसके तहत आने वाले जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी जिलों के गांवों में विकास तेज करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। तीसरी खबर कोरोना से लोगों को मिली थोड़ी राहत की है, पिकनिक मनाने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे हैं लोग। पढ़ें प्रदेश की ऐसी ही पांच बड़ी खबरें...

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Jammu and Kashmir: Now a new variety of Basmati will grow, five big news of the state including people moving to the mountains as soon as the corona curfew opens
jammu kashmir top news - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस बार बासमती 370 की जगह पर नई किस्म 123 और 138 की पैदावार होगी। इससे किसानों की आय भी डबल हो जाएगी। अब तक किसान बासमती 370 उगा रहे थे। आजादी के बाद से फसल उगाई जा रही है। इससे आय में खासा इजाफा नहीं हुआ। चावल की नई वैरायटी पर स्कास्ट जम्मू में शोध हुआ और नई किस्मों को लांच किया गया। अब स्कास्ट जे के माध्यम से बीज किसानों को मुहैया करवाया जा रहा है। कृषि विभाग ने भी किसानों को नई किस्म की खेती करने के लिए कहा है। पढ़ें प्रदेश की पांच बड़ी खबरें...
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नई वैरायटी की खासियत यह है कि एक हेक्टेयर में 45 से 50 किलोग्राम पैदावार होती है जबकि पहले से बीजी जा रही बासमती एक हेक्टेयर में 30 किलोग्राम के आसपास ही निकलती है। पैदावार बढ़ने से आय में इजाफा होगा। खास बात यह है कि बासमती सुंगधित है। खाने में स्वादिस्ट है। बाजारों में भी इसकी खास डिमांड रहेगी।
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जम्मू मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेएमआरडीए) के अधीन आने वाले पांच जिलों में विकास को रफ्तार मिलेगी। जेएमआरडीए एक्ट में संशोधन किया जा रहा है। अथॉरिटी के तहत आने वाले जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी जिलों के गांवों में विकास तेज करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके लिए पांचों जिलों को 25-25 करोड़ लागत वाली प्रारंभिक परियोजना तैयार करने के लिए कहा गया है। वहीं, एक्ट में संशोधन कर अब अथॉरिटी में मुख्यमंत्री की जगह उप राज्यपाल और संबंधित विभागों के सलाहकार भी शामिल किए जाएंगे।
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कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद लोग पिकनिक मनाने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। शहर व आसपास के गांवों के लोग इन दिनों कालमस्तर, लिडना, कुननब्रुन और यहां की सबसे ऊंची पहाड़ी नानिशीरू जा रहे हैं। नानिशीरू में पहाड़ अभी भी बर्फ से लकदक हैं। इन खूबसूरत पहाड़ों के मनमोहक दृश्य मन को शांति देते हैं। हालांकि सिनथन आदि पहाड़ी व पिकनिक स्पॉट आम लोगों के लिए बंद हैं, वहीं मुगल मैदान व अन्य कई पिकनिक स्पॉट पर भी लोग नहीं जा रहे हैं। कालमस्तर, लिडना, कुननब्रुन और नानिशीरूकई में ज्यादातर युवाओं का आगमन हो रहा है।
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नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच संघर्ष विराम के 100वें दिन में प्रवेश करने और घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के जमीनी स्थिति पर समीक्षा करने के लिए सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे बुधवार से दो दिवसीय यात्रा पर श्रीनगर पहुंचेंगे। हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच फरवरी के अंतिम सप्ताह में नया संघर्ष विराम समझौता हुआ था जिसमें दोनों सेनाओं के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच बातचीत हुई थी।
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इन दिनों कोरोना ने सबको घरों में कैद किया हुआ है। बच्चों पर खासी पाबंदियां भी घर वालों ने लगा रखी हैं। खेल और खुले माहौल से महरूम बच्चे लंबे समय से घरों में रहने को मजबूर हैं। उस पर स्कूली कामकाज का बोझ। बस इसी से रूठकर एक छह साल की बच्ची ने पीएम मोदी से एक भावुक अपील एक वीडियो के जरिए कर दी और कहा कि हम बच्चों पर काम का इतना बोझ आखिर क्यों है। अपने अंदाज में बच्ची ने कहा कि मैं छह साल की हूं और इन दिनों स्कूल की ऑनलाइन क्लास का बच्चों पर बहुत बोझ है।
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