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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir: India-Pakistan ceasefire agreement completes 100 days, Army Chief will reach the Valley for review

जम्मू-कश्मीर: भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम समझौते को 100 दिन पूरी, समीक्षा के लिए घाटी पहुंचेंगे सेना प्रमुख

Wed, 02 Jun 2021 12:09 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 02 Jun 2021 12:09 PM IST
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Jammu and Kashmir: India-Pakistan ceasefire agreement completes 100 days, Army Chief will reach the Valley for review
- फोटो : ani

नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच संघर्ष विराम के 100वें दिन में प्रवेश करने और घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के जमीनी स्थिति पर समीक्षा करने के लिए सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे बुधवार से दो दिवसीय यात्रा पर श्रीनगर पहुंचेंगे। हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच फरवरी के अंतिम सप्ताह में नया संघर्ष विराम समझौता हुआ था जिसमें दोनों सेनाओं के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच बातचीत हुई थी।

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सूत्रों ने एएनआई को बताया कि "सेना प्रमुख बुधवार को 15 कोर के शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ जमीनी स्तर पर स्थिति की समीक्षा करने के लिए श्रीनगर में होंगे। उन्होंने बताया कि प्रमुख घाटी में अग्रिम चौकियों का भी दौरा करेंगे और आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की किसी भी संभावित कोशिश से निपटने के लिए सैनिकों की तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे।
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चल रहे संघर्ष विराम समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके परिणामस्वरूप पिछले कई वर्षों में नियंत्रण रेखा के दोनों ओर लंबे समय से शांति बनी रही। सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि समझौते का पूरी तरह से पालन किया जाए, लेकिन साथ ही एलओसी के पार से आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी निगरानी रखी जाए।
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सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेना भारत में आतंकवादियों को भेजने में मदद करने के लिए भारतीय चौकियों पर गोलियां चलाती थी, लेकिन फरवरी के अंतिम सप्ताह में संघर्ष विराम लागू होने के बाद से ऐसा नहीं हुआ है। संघर्ष विराम की घोषणा दोनों सेनाओं द्वारा 25 फरवरी को जारी एक संयुक्त बयान के माध्यम से की गई थी। दोनों देशों ने इससे पहले 2003 में संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन इसका बार-बार उल्लंघन किया गया।

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