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जम्मू-कश्मीर: जम्मू मेट्रोपॉलिटन रीजन के पांचों जिलों में रफ्तार पकड़ेगा विकास, जानिए क्या होंगे बदलाव
Wed, 02 Jun 2021 03:16 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 02 Jun 2021 03:16 PM IST
सार
एक्ट में संशोधन की कवायद शुरू, जिलों से 25-25 करोड़ का विकास प्लान मांगा। अथॉरिटी में पहले मुख्यमंत्री और मंत्री थे सदस्य, अब एलजी व सलाहकार होंगे शामिल।
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jammu kashmir
- फोटो : संजय गुप्ता
विस्तार
जम्मू मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेएमआरडीए) के अधीन आने वाले पांच जिलों में विकास को रफ्तार मिलेगी। जेएमआरडीए एक्ट में संशोधन किया जा रहा है। अथॉरिटी के तहत आने वाले जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी जिलों के गांवों में विकास तेज करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके लिए पांचों जिलों को 25-25 करोड़ लागत वाली प्रारंभिक परियोजना तैयार करने के लिए कहा गया है। वहीं, एक्ट में संशोधन कर अब अथॉरिटी में मुख्यमंत्री की जगह उप राज्यपाल और संबंधित विभागों के सलाहकार भी शामिल किए जाएंगे।
दरअसल वर्ष 2019 के जुलाई माह में जेएमआरडीए की अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें सदस्य के रूप में पहला स्थान मुख्यमंत्री जबकि दूसरे पर आवास और शहरी विकास मंत्री, तीसरे स्थान पर परिवहन मंत्री, चौथे स्थान पर जम्मू महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सांसद और पांचवें स्थान पर आवास और शहरी विकास राज्यमंत्री को सदस्य का दर्जा दिया गया था। अब इसे जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के अनुसार बदलने की कवायद शुरू की गई है।
जेएमआरडीए के कामकाज को रफ्तार देने के लिए परियोजना प्रबंधन कांट्रेक्ट व्यवस्था पर काम होगा, जिसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किए जाने की तैयारी की गई है। प्रदेश प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में विकास योजना, मोबिलिटी योजना और पर्यावरण योजना को तैयार किया जाना है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में 75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। पांचों जिलों के उपायुक्तों से 25-25 करोड़ के विकास कार्यों की डीपीआर देने को कहा गया है।
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यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: कर्फ्यू में ढील के बाद लोग पहाड़ों पर जाकर मना रहे पिकनिक, इन जगहों को बताया जन्नत
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दरअसल वर्ष 2019 के जुलाई माह में जेएमआरडीए की अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें सदस्य के रूप में पहला स्थान मुख्यमंत्री जबकि दूसरे पर आवास और शहरी विकास मंत्री, तीसरे स्थान पर परिवहन मंत्री, चौथे स्थान पर जम्मू महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण के सांसद और पांचवें स्थान पर आवास और शहरी विकास राज्यमंत्री को सदस्य का दर्जा दिया गया था। अब इसे जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के अनुसार बदलने की कवायद शुरू की गई है।
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जेएमआरडीए के कामकाज को रफ्तार देने के लिए परियोजना प्रबंधन कांट्रेक्ट व्यवस्था पर काम होगा, जिसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किए जाने की तैयारी की गई है। प्रदेश प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में विकास योजना, मोबिलिटी योजना और पर्यावरण योजना को तैयार किया जाना है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में 75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। पांचों जिलों के उपायुक्तों से 25-25 करोड़ के विकास कार्यों की डीपीआर देने को कहा गया है।
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जम्मू : जिले की 21 तहसीलों के 625 गांव प्राधिकरण के अधीन आते हैं। जम्मू प्रशासन की ओर से जेएमसी और लोक निर्माण विभाग के तालमेल से परियोजना तैयार करने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त मुबारक मंडी ऐतिहासिक स्थल को सर्कुलर रोड से जोड़ने के लिए परियोजना को लेकर भी विचार विमर्श जारी है।
सांबा : जिले के लिए प्रशासन की ओर से पीपीपी मोड पर बस टर्मिनल और शापिंग मॉल, मुख्य सड़क के किनारे साइकिल पाथ और फुटपाथ और मुख्य चौकों के विस्तार की योजनाओं को शामिल करने की योजना है। सांबा जिले के 260 गांव प्राधिकरण के अधीन आते हैं, जिसमें सांबा, रामगढ़, राजपुरा, घगवाल, विजयपुर और बाड़ी ब्राह्मणा तहसीलें शामिल हैं।
कठुआ : जिले की हीरानगर तहसील के 65 गांव प्राधिकरण के अधीन आते हैं, जिसमें हीरानगर में उपलब्ध 20 से 25 कनाल जमीन पर बस स्टैंड को लेकर योजना है।
उधमपुर : जिले में उधमपुर तहसील के गांव प्राधिकरण के अधीन आते हैं, जिसमें स्थानीय प्रशासन की ओर से चार पार्किंग जोन, पाथ वे, स्ट्रीट लाइटों का प्रावधान, नए बस स्टैंड का प्रावधान और बारिश के पानी की निकासी के प्रबंधों को शामिल करने की तैयारी है।
रियासी : जिले की कटड़ा तहसील के 41 गांव प्राधिकरण के अधीन आते हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से नगर कमेटी कटड़ा के समन्वय से कटड़ा शहर को भीड़भाड़ मुक्त करने की योजना तैयार करने पर काम किया जा रहा है।
सांबा : जिले के लिए प्रशासन की ओर से पीपीपी मोड पर बस टर्मिनल और शापिंग मॉल, मुख्य सड़क के किनारे साइकिल पाथ और फुटपाथ और मुख्य चौकों के विस्तार की योजनाओं को शामिल करने की योजना है। सांबा जिले के 260 गांव प्राधिकरण के अधीन आते हैं, जिसमें सांबा, रामगढ़, राजपुरा, घगवाल, विजयपुर और बाड़ी ब्राह्मणा तहसीलें शामिल हैं।
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उधमपुर : जिले में उधमपुर तहसील के गांव प्राधिकरण के अधीन आते हैं, जिसमें स्थानीय प्रशासन की ओर से चार पार्किंग जोन, पाथ वे, स्ट्रीट लाइटों का प्रावधान, नए बस स्टैंड का प्रावधान और बारिश के पानी की निकासी के प्रबंधों को शामिल करने की तैयारी है।
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