जम्मू-कश्मीरः हाजीपीर लड़ाई की जीत की वर्षगांठ, नेशनल कांफ्रेंस के वटाली के आरोप समेत पांच बड़ी खबरें
साल 28 अगस्त 1965 को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हाजीपीर दर्रे को भारतीय सेना ने अपने कब्जे में लिया था। इससे पहले इस दर्रे को पाकिस्तान लांच पैड के रूप में इस्तेमाल करता था, ताकि घाटी में अशांति फैलाई जा सके। उधर, नेशनल कांफ्रेंस के नेता शफकत अली वटाली ने भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने का आरोप लगाया है। पढ़ें प्रदेश की ऐसी ही प्रमुख खबरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
साल 28 अगस्त 1965 को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हाजीपीर दर्रे को भारतीय सेना ने अपने कब्जे में लिया था। इससे पहले इस दर्रे को पाकिस्तान लांच पैड के रूप में इस्तेमाल करता था, ताकि घाटी में अशांति फैलाई जा सके। मेजर आरएस दयाल के नेतृत्व में 1-पैरा की टुकड़ियों ने पाकिस्तान को सबक सिखाते हुए इस जगह पर तिरंगा फहराया था। इस ऐतिहासिक जीत में स्थानीय लोगों ने भी अभूतपूर्व भूमिका निभाई थी। भारतीय सेना बारामुला जिले के बहादुर लोगों की सेवा और बलिदान को कभी नहीं भूली। यह ऑपरेशन भारतीय सेना और बारामुला जिले के निवासियों के बीच स्नेह, विश्वास, मधुर संबंधों का प्रमाण रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
वटाली का आरोप: तालिबान और अल-कायदा जैसे नामों पर बदनाम किया जा रहा भारतीय मुसलमान
नेशनल कांफ्रेंस के नेता शफकत अली वटाली ने भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि तालिबान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, आईएसआई, आईएसआईएस और अल-कायदा का इस्तेमाल सांप्रदायिक ताकतों द्वारा भारतीय मुसलमानों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। वटाली ने कहा कि हिंदुओं में असुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मूल मुद्दों से राष्ट्र का ध्यान हटाने के लिए बनाई गई सांप्रदायिक नफरत है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सुकून न मिले तो 'सुकून' को करें कॉल: एसडीआरएफ ने शुरू की हेल्पलाइन, इन परेशानियों से मिलेगी निजात
कोरोना महामारी ने आर्थिक और मानसिक रूप से लोगों का तनाव बढ़ा दिया है। तंग आकर लोग जान तक देने को मजबूर हो रहे हैं। खासकर युवा वर्ग बेरोजगारी और अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। बेशक चिंता, अवसाद, तनाव और खुदकुशी के पीछे कोई और वजह हो सकती है, लेकिन कोरोना महामारी से पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल ने लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। यदि आप किसी तरह की चिंता, अवसाद, तनाव, पैनिक अटैक, पोस्ट ट्रॉमा स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी), एडजस्टमेंट डिसऑर्डर, आत्महत्या के विचार, मादक द्रव्यों के सेवन, मानसिक स्वास्थ्य आपातकाल और महामारी प्रेरित मनोवैज्ञानिक तनाव से जूझ रहे हैं तो आपको 24 घंटे इससे बचने की सलाह मिल सकती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जम्मू-कश्मीर: चार महीने से टेंडर प्रक्रिया में अटका हुआ है पाइप लाइन बिछाने का काम, लोग परेशान
जम्मू शहर में पुरानी पाइप लाइन की जगह पर नई पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके लिए सौ करोड़ का बजट मंजूर भी हो चुका है। काम बीते चार माह से टेंडर प्रक्रिया में ही अटका हुआ है। अब प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही काम शुरू हो सकेगा। पाइप लाइन न बिछने के कारण शहर के अधिकांश हिस्सों में पेयजल किल्लत पेश आ रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
न्यायालय के कहा: जांच के दौरान सतर्कता बरते पुलिस, फैसलों में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अली मोहम्मद माग्रे ने कहा है कि अदालतों के फैसलों में पुलिस जांच की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए पुलिस कर्मियों को विभिन्न मामलों की जांच करते समय काफी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पुलिस की ओर से दाखिल की गई जांच रिपोर्ट अपराधी की सजा पर समाप्त होती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें